अंडे को प्रोटीन का पावरहाउस माना जाता है। यूं तो इसमें कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, लेकिन प्रोटीन की प्रचुरता के कारण हर कोई  इसे अपनी डाइट में शामिल करना चाहता है। आमलेट बनाने के लेकर स्क्रेम्ब्लेड एग तक अंडे को खाने के कई तरीके हैं। ठीक उसी तरह, इसे लेकर कई तरह के मिथ्स भी पॉपुलर है। मसलन, ऐसा कहा जाता है कि इसमें कोलेस्ट्रॉल अधिक होता है और इसलिए यह हद्य के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ लोगों का कहना होता है कि अंडे यॉक को नहीं खाना चाहिए। एग व्हाइट अधिक हेल्दी होता है और उसे ही डाइट में शामिल करना चाहिए। इस तरह अंडे से संबंधित कई मिथ्स काफी प्रचलित हैं। जिन पर भरोसा करते हुए ही लोग अंडे का सेवन करते हैं। हो सकता है कि आप भी अंडे से जुड़े कुछ मिथ्स को सच मानती हों, लेकिन आज हम इन मिथ्स को इस लेख में क्रैक कर रहे हैं-

मिथक 1: अंडे कोलेस्ट्रॉल में उच्च होते हैं और हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकते हैं

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सच्चाईः जिन लोगों को हाई कोलेस्ट्रॉल होता है, उन्हें कई तरह के फूड्स से बचने की सलाह दी जाती है और अंडे का सेवन भी इसी में से एक है। लेकिन कई अध्ययनों से यह बात साबित हुई है कि ब्लड कोलेस्ट्रॉल के लेवल पर दैनिक रूप से अंडे का सेवन करने से कोई असर नहीं पड़ता। नेशनल हेल्थ एंड मेडिकल रिसर्च काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, हर दिन अंडे का सेवन कोरोनरी हृदय रोग के बढ़ते जोखिम से जुड़ा नहीं है। हालांकि, आपको बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप इसका सेवन संयमित तरीके से करें। मसलन, हर दिन नाश्ते के लिए 3 अंडे देना एक अच्छा विचार नहीं है, लेकिन एक दिन में 1 अंडा होने से आपको नुकसान नहीं होगा।

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मिथक 2: एड व्हाइट यॉक से अधिक हेल्दी है और अंडे की जर्दी को नहीं खाना चाहिए।

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सच्चाईः नहीं, यह भी सच नहीं है। अंडे की जर्दी और व्हाइट्स में विभिन्न विटामिन और खनिज होते हैं। अंडे का सफेद भाग प्रोटीन, राइबोफ्लेविन और सेलेनियम का एक बड़ा स्रोत है, लेकिन अंडे के अधिकांश पोषक तत्व और इसके प्रोटीन का लगभग आधा हिस्सा एग यॉक में होता है।

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मिथक 3: गर्भावस्था में महिला को अंडे नहीं खाने चाहिए

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सच्चाई- ऐसा माना जाता है कि गर्भावस्था में महिला को अंडे नहीं खाने चाहिए। इससे उसके गर्भस्थ शिशु को एलर्जी व अन्य समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, इस मिथक का समर्थन करने के लिए कोई शोध नहीं है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को अनावश्यक ही अपने आहार को प्रतिबंधित करने की जरूरत नहीं है। अंडे में कई पोषक तत्व होते हैं जो गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद होते हैं। हालांकि, आपकी गर्भावस्था में किसी तरह की कॉम्पलीकेशन हैं या फिर आपके मन में किसी तरह की दुविधा है तो आप अपनी गायनेकॉलाजिस्ट से इस विषय में सलाह ले सकती हैं।

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मिथक 4: वजन कम करना है तो एग यॉक से करें तौबा

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सच्चाईः यह भी एक पॉपुलर मिथ है, जिस पर अधिकांश लोग भरोसा करते हैं। कुछ लोग अंडे की जर्दी सिर्फ इसलिए नहीं खाते क्योंकि वे मोटे होने से डरते हैं। वास्तव में, यॉक में अतिरिक्त प्रोटीन और विटामिन डी जैसे अन्य उपयोगी पदार्थ होते हैं जो कैल्शियम अवशोषण में योगदान करते हैं। इनमें कोलीन भी होता है जो लिवर के अच्छे कार्य को सुनिश्चित करता है। अगर आप हर दिन एक अंडे का नाश्ते में सेवन करते हैं तो इससे प्रोटीन की अधिकता के कारण आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है और इस तरह आप ओवर ईटिंग से बचते हैं और आपका कैलोरी काउंट भी कम होता है। जिसके कारण अंततः आपका वजन कम होता है।

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