स्‍वादिष्‍ट और तीखी चटनी खाने के स्‍वाद को कई गुणों बढ़ा देती हैं लेकिन सिलबट्टे पर पिसी हुई चटनी का स्वाद कुछ अलग ही आता है। इसलिए पहले के समय में हमारी मां-दादी सिलबट्टे पर चटनी पीसती थीं। हालांकि बिजी लाइफ के चलते अब ज्‍यादातर लोगों ने अपना काम आसान करने के कारण मिक्‍सी से यह सारे काम लेना शुरू कर दिया है। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि सिलबट्टे पर पिसी हुई चटनी स्वाद के साथ आपको सेहत के लाभ भी देती हैं। पारम्परिक तरीकों से पिसी चटनी हेल्‍थ के लिए बहुत लाभकारी होती हैं और इस बात की जानकारी हमें सेलिब्रिटी डाइटीशियन रुजुता दिवेकर का इंस्‍टाग्राम देखने के बाद मिली।  

यह बात तो आप जानती ही होगी कि रुजुता दिवेकर हमेशा ईट लोकल पर फोकस करती हैं। उन्होंने लोकल खाद्य सामग्री के साथ ही एक ऐसे लोकल उपकरण का भी इस्‍तेमाल किया, जिसने चटनी के स्वाद को और भी बढ़ा दिया। जी हां रुजुता ने सिलबट्टे पर पिसी चटनी के फायदे बताते हुए इंस्‍टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। रुजुता दिवेकर के अनुसार, ''भोजन के साथ चटनी खाना मसाले, फाइबर और फाइटोन्यूट्रिएंट्स को पेश करने का एक स्वादिष्ट तरीका है। सिलबट्टे पर बनी इस चटनी का सेवन हफ्ते में तीन बार करें।'' आइए इसके फायदों के बारे में विस्‍तार से जानें।   

एक्‍सपर्ट की राय

 
 
 
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रुजुता का कहना है कि ''चटनी भारतीय रसोई के कई खजाने में से एक है। यह मसाले, फाइबर और फाइटोन्यूट्रिएंट्स को पेश करने की एक स्वादिष्ट विधि है जो अन्यथा शरीर के लिए पचाना बहुत मुश्किल होता है। क्या आप जानती हैं कि अपने भोजन में सिर्फ चटनी जोड़ने से, विशेष रूप से दोपहर के भोजन के साथ, दोपहर के भोजन को सही तरीके से खाने और मीठे की क्रेविंग को कम करने में मदद करता हैं जो भोजन के बाद अक्‍सर लोगों को होती है। अच्छी तरह से उन्हें जानने के लिए बहुत सी चीजों का अनुभव किया जाना चाहिए और इसलिए मैं आप सभी को अपने भोजन में चटनी जोड़ने के लिए आमंत्रित करती हूं।''

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सिलबट्टे पर पिसी चटनी के फायदे

भारतीय रसोई में उपयोग की जाने वाली बहुत सारी चीजें स्वाद के साथ तभी खिलती है जब उन्हें कुचल दिया जाता है और तभी उनके पोषक तत्व उपलब्ध हो पाते हैं। इनमें से अधिकांश सूक्ष्म पोषक तत्व, स्टेरोल्स और फ्लेवोनोइड्स शरीर को कई तरीकों से मदद करते हैं, कुछ की लिस्‍ट इस प्रकार है।

  • इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करती है।
  • मुंहासे और झाइयों को कम करके त्वचा की बनावट में सुधार करती है।
  • कार्डियो सुरक्षात्मक प्रभाव/हार्ट हेल्‍थ के लिए अच्‍छा होती है।
  • एंटी-एजिंग के रूप में यह ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद करती है।
  • फर्टिलिटी को बढ़ाती है।
  • आंत बैक्टीरिया विविधता में सुधार करती है।
chutney benefits inside

नोट

हालांकि चटनी के लाभों का पूरी तरह से उपयोग करने के लिए, इसे एक इन्सुलेट सामग्री में पिसा जाना चाहिए। पत्थर या लकड़ी गर्मी के गैर-संवाहक होते हैं और जब उनमें चटनी बनाई जाती है, तो उनके स्वाद, सुगंध, रंग और स्वाद के साथ पोषक तत्व बरकरार रहते हैं। एक मिक्सर में, अस्थायी ऊपर जाता है और ये सूक्ष्म पोषक तत्व, जो गर्मी के प्रति संवेदनशील होते हैं, पूरी तरह से खो जाने पर ख़राब हो सकते हैं। अच्छी सेहत के लिए रसोई में अधिक समय व्यतीत करें। 

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चटनी के कुछ उदाहरण आप अपने आहार में शामिल कर सकते हैं जैसे मूंगफली की चटनी, तिल की चटनी, करी पत्ता की चटनी, नारियल की चटनी। अगर आप भी स्‍वाद के साथ सेहत चाहती हैं तो अपनी सिलबट्टे पर पिसी चटनी अपनी डाइट में शामिल करें। आहार व पोषण से जुड़ी और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें। 

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