आजकल के टीन्‍स हरी सब्जियों और दालों को देखकर अजीब सा मुंह बनाने लगते हैं क्‍योंकि उन्‍हें फास्‍टफूड बहुत अच्‍छा लगता है। भले ही फास्टफूड उन की पहली पसंद है और इसे खाने से पेट भर जाता है, लेकिन किशोरावस्था ही ऐसी अवस्था है जिस में उनका समग्र विकास होता है। और अगर इस उम्र के दौरान इन फालतू की चीजों पर फोकस रहेगा तो उनका शारीरिक व मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा टीनएज के दौरान तेजी से बढ़ती बॉडी और पढ़ाई एवं करियर के प्रेशर और भागदौड़ भरी लाइफ से तालमेल बैठाने के लिए अच्‍छी डाइट लेना बहुत जरूरी है। आइए जानें टीनएजर्स को अपनी डाइट में किन चीजों को शामिल करना चाहिए।

आयोडीन की सही मात्रा

जिन बच्चों की माएं प्रेग्‍नेंसी में आयोडीन की पर्याप्त मात्रा नहीं लेतीं, उनके बच्चों की मेंटल हेल्‍थ कमजोर होती है। इसलिए इसे गर्भवती, बच्चों व किशोरों को आयोडीन की सही मात्रा लेनी चाहिए। यह आपको टमाटर, पालक, अंडे, आलू में सही मात्रा में मिल जाता है।

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नट्स, फैट और सीड्स

इस बारे में जानी-मानी डाइटिशियन सिमरन सैनी के अनुसार, टीनएजर्स की डाइट प्लान में फैट जरूरी होना चाहिए है। उनका मानना है कि हमारा ब्रेन एक फैटी ऑर्गन है। इसलिए मेवे, घी, बीज और सेहतमंद तेल ( ऑलिव ऑयल, नारियल तेल और तिल का तेल) आदि बैंलेस तरीके से अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

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कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स

कई अध्ययनों में पाया गया है कि जो विद्यार्थी सुबह नाश्ता नहीं करते उन्हें अपनी क्लास में एकाग्रता में दिक्कत आती है। ऐसा कम एनर्जी लेवल और ब्रेन फोग (दिमागी सुस्ती) की वजह से होता है। इसलिए अपनी डाइट में अनाज, फल, शकरकंद, बीन्स आदि को शामिल करना चाहिए। ये ग्लूकोज के रूप में दिमाग के ईंधन के पहले स्रोत का काम करते हैं।

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जिंक

नर्व्‍स और ब्रेन सेल्‍स के बीच कम्‍यूनिकेशन बनाए रखने में जिंक बहुत जरूरी होता है और शरीर में इसकी कमी से बौद्धिक क्षमता पर विपरीत असर पड़ता है। जबकि इस उम्र के बच्‍चों को ब्रेन का इस्‍तेमाल सबसे ज्‍यादा करना होता है। इसलिए उनकी डाइट में बादाम, लहसुन, कद्दू के बीज, तिल और ऑर्गेनिक अंडे शामिल होने चाहिए।

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विटामिन बी

आपकी बॉडी के नर्व सेल्स को दुरूस्त रखने में विटामिन बी-9 और बी12 की अहम भूमिका है। बॉडी में इसकी कमी हो तो सप्लीमेंट लिया जा सकता है। हालांकि नॉन वेजिटेरियन फूड्स में इसकी प्रचूर मात्रा होती है।

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आयरन

जब बॉडी में आयरन की कमी हो जाती है तो, पढ़ाई में मन नहीं लगता और थकान एवं चिड़चिड़ेपन की शिकायत बनी रहती है। आयरन ब्रेन के विकास और हेल्‍दी रखने में अहम भूमिका निभाता है और उससे डोपामाइन जैसे महत्वपूर्ण हार्मोन रिलीज होते हैं। डोपामाइन ब्रेन को खुश रखता है। आयरन के लिए टीनएजर्स को अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, हल्दी, गेहूं के ज्वारे और मोरिंगा को शामिल करना चाहिए।
टीनएजर्स अपनी डाइट में इन चीजों को शामिल कर लंबे समय तक हेल्‍दी रह सकते हैं।
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