गढ़वाल का झंगोरे के बारे अगर आपने नहीं सुना है, तो इंडियन बार्नयार्ड मिलेट के बारे में तो जरूर पता होगा। यह एक ऐसा पौष्टिक आहार है, जिसे पहाड़ों में खूब पसंद किया जाता है। इतना ही नहीं, इसके अलग-अलग व्यंजनों को बनाकर खाया जाता है। गढ़वाल में इससे छंछिया, खीर, भात आदि बनता है। इसे बाकी जगहों में कई नामों से जाना जाता है और अलग तरीके से बनाया भी जाता है। अपने औषधीय गुणों के कारण इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं, अगर आप इसके बारे में नहीं जानती तो आइए जानें इस आर्टिकल में। 

क्या है झंगोरा

what is jhangora

झंगोरा को इंडियन बार्नयार्ड मिलेट के नाम से भी जाना जाता है। यह खास तौर पर उत्तराखंड राज्य में होता है। इसे सबसे पौष्टिक आहार माना जाता है। इसके छोटे-छोटे गोल बीज होते हैं, जिसे वर्त के दौरान फलाहार के रूप में भी खाया जाता है। इसे अलग-अलग जगहों पर अलग नामों से जाना जाता है जैसे तमिल में कुथिरवली, कन्नड़ में उधलु, बंगाली में श्यामक आदि। इसमें फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन आदि पौष्टिक तत्वों की प्रचुर मात्रा पाई जाती है।

पहाड़ का पारंपरिक भोजन

पहाड़ क्षेत्र में झंगोरे को खूब खाया जाता है। झंगोरे की खीर, भात, छंछिया आदि पहाड़ के पारंपरिक लोकप्रिय व्यंजनों में शुमार है। इसका वर्णन ग्रंथों में भी किया गया है। झंगोरे को पहले गरीबों का खाना कहा जाता था, मगर धीरे-धीरे इसकी उपयोगिता और स्वास्थ्य लाभों को देखते हुए इसे खूब उगाया जाता है और खाया-खिलाया जाता है। पीलिया जैसे रोगों में भी इसे खाने की सलाह दी जाती है। इतना ही नहीं, पहाड़ की शादियों में इसे तोहफे के रूप में भेंट किया जाता है।

चूंकि यह औषधीय गुणों से भरपूर है, तो इससे सेहत को कई फायदे होते हैं। यह किस तरह आपकी सेहत के लिए लाभदायक है आइए जानें-

खून की कमी के लिए

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झंगोरा में अच्छी मात्रा में आयरन पाया जाता है। बाकी अन्य मिलेट्स और सीरियल ग्रेन्स के मुताबिक 100 ग्राम में कच्चे झंगोरे में लगभग 18.6mg आयरन होता है। जिन लोगों में खून की कमी होती है, उनके लिए इसका सेवन करना वरदान हो सकता है। वहीं, जिन महिलाओं को पीरियड्स के दौरान क्रैम्प्स और अधिक खून आता हो, उन्हें भी इसे अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए।

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पाचन शक्ति के लिए 

झंगोरे डायटरी फाइबर का उच्च स्रोत है, इसमें सॉल्युबल और इंसॉल्युबल दोनों फ्रैक्शन होते हैं। इस वजह से पेट की समस्याओं सहित पाचन शक्ति में भी सुधार करता है। इसमें हाई फाइबर कंटेंट कब्ज, मरोड़, एसिडिटी की समस्या को कम करने में सहायक है। साथ ही इसके सेवन से पेट फूलने की समस्या में भी राहत मिलती है।

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वजन घटाने में सहायक

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इसमें  बायोएक्टिव कंपाउंड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो आपका वजन निंयत्रित करने में सहायक है। हाई कंटेंट फाइबर और प्रोटीन होने की वजह से आपको लगता है कि आपका पेट भरा हुआ है, इस वजह से आप एक्सेसिव ईटिंग नहीं कर पाती। कैलोरी जो वजन बढ़ने का कारण है, उसकी मात्रा भी इसमें बहुत कम होती है। झंगोरे का सेवन करने बाद आप ऊर्जावान भी महसूस करती हैं।

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ब्लड शुगर से पीड़ितों के लिए

झंगोरे में कार्बोहाइड्रेट कंटेंट कम होता है, जिसकी वजह से यह इसे लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड की श्रेणी में रखता है। यह अधिक मात्रा में रेजिसटेंस स्टार्च के निर्माण की सुविधा प्रदान करता है, जिस वजह से यह ब्लड शुगर और दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है।

ग्लूटेन फ्री

gluten free jhangora

पेट की समस्या से परेशान लोगों के लिए ग्लूटेन फ्री डाइट जरूरी होती है। यह उन लोगों के लिए बहुत मददगार है जो गेहूं की एलर्जी, सीबीएस से सीलिएक डिजीज और नॉन-सीलिएक ग्लूटेन सेंसिटिविटी से पीड़ित हैं। अन्य ग्रेन्स के मुकाबले इसमें ग्लूटेन नहीं होता। 

कहा तो यह भी जाता है कि इसके स्वाद और लाभों को देखते हुए इसे भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को झंगोरा बहुत पसंद था। आज यह पहाड़ी अनाज कई बड़े रेस्तरां में बहुत कीमती दामों में मिलता है। आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमें फेसबुक पेज पर कमेंट कर जरूर बताएं। साथ ही अन्य जानकारी पाने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी के साथ।

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