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देश की जन्नत जैसी इन जगहों की खूबसूरती हमारी वजह से हो गई है खराब

माना जाता है कि आने वाले समय में दुनिया प्रदूषण के कारण बुरी तरह से प्रभावित होगी। इसका असर हमारे देश की खूबसूरत जगहों पर भी पड़ेगा।
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Published -03 Jun 2022, 18:49 ISTUpdated -03 Jun 2022, 19:15 IST
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environmental day

बीते समय में प्रदूषण ने हमारी जिंदगी को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इस प्रदूषण के कारण ही आसपास के लोग अलग-अलग समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई प्रयासों के बावजूद भी भारत का पर्यावरण दिन-प्रति दिन दूषित होता जा रहा है। जिसका प्रभाव भारत के कई खूबसूरत जगहों पर भी पड़ रहा है। ऐसे में माना जाता है कि आने वाले समय में ये जगहें और भी बुरी तरह से प्रभावित होंगी।

आज के इस आर्टिकल में हम आपको उन जगहों के बारे में बताएंगे, जिन्हें हमारे लपरवाह रवैये ने पूरी तरह से बदल दिया है। बढ़ते टूरिजम, प्रदूषण और जनसंख्या का असर हमारी ऐतिहासिक धरोहरों पर भी पड़ा है। तो देर किस बात की आइए जानते हैं इन प्रभावित जगहों के बारे में- 

पर्यावरण के कारण ताजमहल का हाल-

tajmahal endangered

प्रदूषण के कारण ताजमहल की खूबसूरती पर भी ग्रहण लग गया है। बीते सालों में ताजमहल पर प्रदूषण का खतरा मंडरा रहा है, ऐसे में लोगों का दावा है कि ताजमहल का रंग अब सफेद से पीला हो रहा है। ताजमहल केवल देश ही नहीं बल्कि विश्व धरोहर के रूप में जाना जाता है। ऐसे में महल का हाल आने वाले समय में और बुरा होने का आसार हैं। 

जर्जर हो रहा है महमूदाबाद एस्टेट- 

world environmental day

उत्तर प्रदेश की यह ऐतिहासिक इमारत अवधी वास्तुकाला का खूबसूरत नमूना है। मुगल काल के दौरान ये कोठी एक प्रशासनिक आवास हुआ करती थी। लेकिन प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान किले को अंग्रेजों द्वारा तोड़ दिया गया था। लेकिन इसे दोबारा फिर से बनाया गया। बता दें कि अब यह कोठी उर्दू और अरबी पुस्तकों की लायब्रेरी है और दुनिया भर से कला, साहित्य और कविता के प्रेमी लोग अपना समय यहां पर बिताते हैं। लेकिन अब समय के साथ यह इमारत जरजर होती जा रही है। जिसका कारण इसकी देखरेख में लापरवाही और पर्यावर्ण में आता बदलाव माना जाता है।

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जैसलमेर फोर्ट, राजस्थान- 

jaisalmer fort

देश में कई ऐतिहासिक किले हैं, जो हमारी संस्कृति का खूबसूरत नमूना हैं। जैसलमेर फोर्ट भी इनमें से एक है। साल 1156 में इस किले का निर्माण राजा रावल जैसल द्रारा करवाया गया था। लेकिन अब पुरानी मिट्टी और बड़ते सीवेज वॉटर के कारण यह खतरे हैं। पुरातत्व विभाग की मानें तो किले के नीचे के पहाड़ की मिट्टी पुरानी हो रही है, जिससे सीवेज का पानी किले की नीव में घुसने लगा है। यही वजह है कि अब यह ऐतिहासिक इमारत कमजोर होने लगी है। इतना ही नहीं वैज्ञानिकों ने बताया कि यहां के पहाड़ खिसक रहें हैं, जिस कारण किला कमजोर होता जा रहा है। 

वैली ऑफ फ्लावर्स- 

endangered places in india destroyed due to environmental change

बढ़ रही ग्लोबल वार्मिंग धीरे-धीरे फूलों की खूबसूरत घाटियों को भी तबाह कर रहे हैं। जिस कारण कई फूलों की प्रजातियां लुप्त हो रही हैं। धीर-धीरे लोगों की आबादी बढ़ती जा रही है, जिससे प्रकृतिक स्थान बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा लैंडस्लाइड के कारण भी पहाड़ों पर बुरा असर पड़ रहा है।

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राम सेतु- 

माना जाता है कि इस सेतु का निर्माण भगवान राम और उनकी सेना द्वराा किया गया था। लेकिन अब कैनाल निर्माण के चक्कर में यह सेतु डैमेज हो रहा है। माना जाता है कि अगर ऐसे ही पर्यावरण में बदलाव होता रहा तो इस सेतु को सुरक्षित रखना मुश्किल होगा। 

शिमला हिल स्टेशन- 

शिमला आजकल भारतीय टूरिस्ट का मनपसंद स्पॉट है। लेकिन ज्यादा संख्या में ट्रैवर्ल्स के आने और उनके खराब रवैये की वजह से यहां का वातावरण बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। गर्मी के दिनों में यहां का पारा हद से बढ़ने लगा है, जिस कारण वैज्ञानिक इस बदलते वातावरण को खतरे की घंटी बताते हैं।

तो ये थी भारत की कुछ ऐसी जगहें जो हमारी लापरवाहियों के कारण प्रभावित हो रही हैं। आपको हमारा यह आर्टिकल अगर पसंद आया हो तो इसे लाइक और शेयर करें साथ ही ऐसी जानकारियों के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी के साथ। 

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