द्वाराहाट का गांव के नाम का अर्थ "स्वर्ग का रास्ता" होता है। इसका मतलब है कि आप इस गांव से स्वर्ग जा सकते हैं। इसके साथ ही द्वाराहाट का दूसरा नाम सांस्कृतिक नगरी है। द्वाराहाट में बसने वाले सबसे पहले लोग कत्यूरी थे। बता दें कि कत्यूरी राजाओं द्वारा 7वीं और 10वीं शताब्दी में यहां कई मंदिर बनवाए गए थे, जिन्हें 8 समूह में विभाजत किया गया था। इसलिए यह गांव बेहद खास माना जाता है। कहा जाता है कि इस गांव में देवी-देवताओं का निवास है। इसलिए भी यह गांव बेहद खास माना जाता है। चलिए जानते हैं इसके अलावा क्या खास है इस गांव में।

मंदिरों का गांव

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द्वाराहाट गांव देखने में बेहद ही खूबसूरत है। यह अल्मोड़ा जिले में आता है। जिसके कारण दूर-दूर से लोग इस गांव में घूमने जाते हैं । यहां आपको चारों ओर हरियाली ही हरियाली देखने को मिलेगी। लेकिन इस गांव की खासियत यहां मौजूद देवी -देवताओं के मंदिर है। द्वाराहाट को दूसरे शब्दों में लोग मंदिर वाला गांव कहते हैं। द्वाराहाट से करीब 20 किलोमीटर दूर मां दुनागिरी मंदिर स्थित है। यह उत्तराखंड के सबसे प्रसिद्ध मंदिर में से एक है। यह मंदिर मां दुर्गा को समर्पित है। द्वाराहाट में करीब 55 प्राचीन मंदिर मौजूद है और हर मंदिर अपने आप में बेहद खास है। 

महावतार बाबाजी गुफा

baba ji cave

द्वाराहाट के सबसे प्रसिद्ध महावतार बाबाजी गुफा है। इस गुफा को हिमालय में ध्यान और योग के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक माना जाता था। बता दें कि 1861 में महावतार बाबाजी ने लाहिड़ी माहाशय की शुरुआत की थी और यहीं क्रिया योग यानि द्वापर युग का जन्म हुआ था। 

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संतसंग योगदा शाखा आश्रम

santsang yogda aashram

संतसंग योगदा शाखा आश्रम द्वाराहाट के सबसे प्रमुख स्थल में से एक है। इस आश्रम का उद्धघाटन 1983 में किया गया था। यह आश्रम पूरे देश में गुरुदेव श्री-श्री परमहंस योगानंद के ज्ञान का प्रसार करता है। सेल्फ रियलाइजेशन फेलोशिप  (एसआरएफ)  वाईएसएस की सिस्टर ऑर्गेनाइजेशन है, जो कि परमहंसजी के ज्ञान को दुनिया भर के बाकी देशों में प्रचार करता है। 

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पढ़ाई के लिहाज से है खास

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बता दें कि पूरे कुमाऊं क्षेत्र में सबसे ज्यादा स्कूल द्वाराहाट में ही हैं। साथ ही यहां उत्तराखंड का सबसे बड़ा इंजीनियर कॉलेज भी है। इसी वजह से द्वाराहाट बेहद खास गांव माना जाता है। दूर-दूर से लोग यहां पढ़ने आते हैं। इसके साथ ही इन स्कूल और कॉलेज की वजह से ही बच्चे पढ़ पा रहे हैं और आगे बढ़ रहे हैं। 

पर्यटन के लिहाज से

अगर आप प्रकृति से रूबरू होना चाहते हैं तो द्वाराहाट बेहद ही खूबसूरत गांव है। साथ ही यह उत्तराखंड के सबसे हरे-भरे गांव में से एक है। यानि यहां आपको चारों ओर केवल हरियाली ही हरियाली दिखेगी। मंदिर से लेकर आश्रम तक अपने अंदर कई प्राचीन चीजें समेट हुए यह शहर आपको सुकुन भरी जिंदगी जीने का मौका देगा। यहां की हवा और पानी बेहद ही साफ है।

भीड़-भाड़ से दूर यह गांव आपको किसी जन्नत से कम नहीं लगेगा। क्योंकि यह गांव अल्मोड़ा से कुछ ही किलोमीटर दूर स्थित है, इसलिए आप अल्मोड़ा घूमने भी जाते हैं। साथ ही बता दें कि कई बार इस गांव के आस पास वाले इलाके में बर्फ भी पड़ती है। हरे पेड़ों पर जमी बर्फ कितनी खूबसूरत लगती है, इस बात से तो शायद हम सभी वाकिफ होंगे।

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