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    क्या वाकई 500 साल पहले से बन रहा है पापड़?

    एक सिंपल सी साइड डिश जो खाने का स्वाद बढ़ाने का दम रखती है। इसका इतिहास कई साल पुराना है, चलिए हम भी जानें।   
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    Updated at - 2023-01-12,20:04 IST
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    origin of papad

    ऐसी कई मील्स हैं जो पापड़ के बिना शायद ही अधूरा है। यह बहुत सिंपल-सा कॉन्डिमेंट है, जो किसी भी खाने का स्वाद बढ़ाने का दम रखता है। यहां तक कि साधारण से दिखने वाले भोजन जैसे दाल, चावल के साथ पापड़ की जोड़ी कितनी खूब लगती है। यह कुरकुरा, मसालेदार, पापड़ ज्यादातर गोल आकार में होता है और इसमें अलग-अलग राज्यों के अनुसार मसाले भिन्न हो सकते हैं और ऐसे ही इसके अलग नाम होते हैं।

    इसे तमिलनाडु में अप्पलम, आंध्र प्रदेश में अप्पदम, केरल में पापड़म, और पापड़, पापड़, पम्पड, हप्पला, पोप्पडम, पप्पोडम आदि कहा जाता है। दिलचस्प बात यह है कि अभी भी भारत में कई घरों में इसे पारंपरिक तरीके से बनाया जाता है। जितना यह खास है, उतना ही इसका रोचक इतिहास है। चलिए जानते हैं पापड़ आखिर कहां से आया है और कैसे इतना पॉपुलर बन गया?

    पापड़ का 500 साल पुराना इतिहास

    history behind papad

    ऐसा माना जाता है कि इसका इतिहास 500 ईसा पूर्व का है। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसका उल्लेख बौद्ध-जैन विहित साहित्य में भी मिलता है। स्लर्प की रिपोर्ट के मुताबिक, इसे 'ए हिस्टोरिकल डिक्शनरी ऑफ इंडियन फूड' नामक पुस्तक में प्रलेखित किया गया है, जिसे खाद्य इतिहासकार और लेखक केटी आचार्य ने लिखा है। किताब में बताया गया है कि इसे उड़द, मसूर और चना दाल से तैयार किया जाता था।

    हालांकि आपको यह भी बता दें कि पापड़ सिर्फ दाल से ही नहीं बनते बल्कि साबूदाना, आलू और प्रॉन्स के पापड़ भी बड़े लोकप्रिय हैं। वहीं ऐतिहासिक अभिलेख बताते हैं कि पापड़ का इतिहास लगभग 1500 वर्ष से अधिक पुराना है। कम ही लोग जानते हैं कि सब्जियों को सुखाना और भंडारण करना एक पुरानी तकनीक है और यह मारवाड़ी जैन व्यापारी समुदाय में सबसे प्रमुख रूप से देखा जाता था क्योंकि वे मौसम में उपलब्ध सब्जियों को सुखाते थे और फिर उन्हें स्टोर करते थे। सब्जियों को फिर से हाइड्रेटेड और स्टोर किया गया ताकि बाद में जब वे व्यापार के लिए यात्रा करें तो इसका उपयोग किया जा सके।

    इसे भी पढ़ें: घर पर दाल से बनाएं ये 3 तरह के टेस्टी पापड़, खाने का स्वाद होगा दोगुना

    सिंधियों को प्रिय है पापड़

    वहीं, ऐसा माना जाता है कि कुरकुरे पापड़ विभाजन, प्रवासन और जीवित रहने की नई आशा की कहानी बयां करता है। हमारे लिए पापड़ एक कॉन्डिमेंड हो सकता है लेकिन सिंधियों के लिए पापड़ से बड़ा इमोशन शायद ही कुछ और है। प्रत्येक सिंधी परिवार में पापड़ और जल से किसी मेहमान का अभिवादन करना एक आवश्यक रस्म है। इसका एक उल्लेखनीय इतिहास है।

    भारत के सिंधी हिंदू आधुनिक पाकिस्तान में सिंध और बलूचिस्तान के प्रांतों में से जुड़े हुए हैं। ब्रिटिश भारत के विभाजन के बाद उनमें से अधिकांश भारत आ गए। सिंध के प्राचीन इलाकों का उनके आहार और जीवन शैली पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा। पापड़ धीरे-धीरे एक प्रधान भोजन बन गया क्योंकि इसमें शुष्क जलवायु में शरीर को हाइड्रेट करने की क्षमता थी। सिंधी महिलाएं और बच्चे अपने-अपने आंगनों में अक्सर एक साथ उड़द की दाल, काली मिर्च और जीरे का आटा बेलते देखे जाते थे।

    अमृतसरी पापड़ की लोकप्रियता

    amritsari papad

    अमृतसरी पापड़ या पापर उत्तर भारतीय राज्य पंजाब और आसपास के क्षेत्र में एक लोकप्रिय स्नैक है। यह अमृतसर शहर के लिए और भी विशिष्ट है। अमृतसरी पापड़ की लोकप्रियता ऐसी है कि यह पूरे भारत में प्रसिद्ध है, और विदेशों में भी निर्यात किया जाता है।

    कितने तरह के होते हैं पापड़?

    वैसे तो पापड़ कई तरह के होते हैं, लेकिन 6 ऐसे प्रकार हैं जो आपको आमतौर पर लोगों के घरों में मिलेंगे।

    चावल पापड़

    दक्षिण भारतीय घरों में यह यह चावल, सांभर और अचार के साथ मील को पूरा करता है। चावल के पापड़ को चावल और नमक से बनाया जाता है। कुछ घरों में अतिरिक्त स्वाद के लिए भीगा हुआ साबूदाना और घर का बना मसाला भी मिलाया जाता है।

    रागी पापड़

    रागी या नचनी पापड़ एक लोकप्रिय महाराष्ट्रीयन कॉन्डिमेंट है। इसे रागी के आटे का उपयोग करके बनाया जाता है। इसका गहरा भूरा रंग और मोटी बनावट इसे अन्य पापड़ प्रकारों से अलग बनाती है। फिटनेस फ्रीक के लिए एक और स्वस्थ विकल्प मूंग दाल पापड़ है।

    types of papad

    साबूदाना पापड़

    व्रत के दौरान एक पसंदीदा स्नैक आइटम, साबूदाना पापड़ अक्सर नवरात्रि के व्रत या पूरे भारत में अन्य व्रतों के दौरान खाया जाता है। इसमें जीरा, नमक और घी का हल्का स्वाद है जो इस पापड़ को स्वादिष्ट और कुरकुरे बनाता है!

    इसे भी पढ़ें: पापड़ को साइड डिश की तरह क्यों खाना, जब बना सकती हैं यह मजेदार डिश

    आलू पापड़

    उबले, मैश किए हुए आलू और नमक का उपयोग करके बनाया गया, आलू पापड़ उत्तरी भारतीय राज्यों जैसे पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में प्रसिद्ध है। आलू का पापड़ भी होली के दौरान खाया जाने वाला एक आम नाश्ता है।

    चना दाल पापड़

    चना पापड़ या चना दाल पापड़ एक पारंपरिक मसालेदार पापड़ है जो मैदा और चना दाल से बनाया जाता है। यह चावल के व्यंजन या पारंपरिक करी जैसे सांभर, कढ़ी, रसम आदि के साथ स्वादिष्ट लगता है (परफेक्ट सांभर बनाने के टिप्स)।

    खिचिया पापड़

    खिचू चावल के आटे, नमक और जीरा से बना आटा है। इस आटे से बने पापड़ को खिचिया पापड़ के नाम से जाना जाता है। यह गुजराती व्यंजनों का एक अभिन्न हिस्सा है और देश के अन्य हिस्सों में दुर्लभ है।

    आपने कौन-सा पापड़ चखा है जरा हमें भी बताएं। हमें उम्मीद है यह जानकारी आपको पसंद आएगी। अगर यह लेख पसंद आया तो इसे लाइक और शेयर करना न भूलें। ऐसे ही लेख पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी के साथ।

    Image Credit: Freepik

     

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