टीवी सीरियल ‘ससुराल सिमर का’ और बिग बॉस सीजन 12 जीतने के बाद से दीपिका कक्‍कड़ काफी फेमस हो गई हैं और उनके फैंस की संख्‍या भी बढ़ गई है। दीपिका भी अपने किसी फैन का दिल नहीं दुखाती और अपने से जुड़ी हर बात को वह सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं। हालही में दीपिका कक्‍कड़ राजस्‍थान स्थित अजमेर गईं और वहां जा कर उन्‍होंने वर्ल्‍ड फेमस ख्‍वाजा जी की दरगाह पर माथा टेका। अपनी इस शॉर्ट ट्रिप की तस्‍वीर दीपिका ने इंस्‍टाग्राम पर शेयर की और उस पर कैप्‍शन लिखा कि ‘मैं ख्‍वाजा जी को थैंक कहने आई हूं।’ 

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दीपिका की अजमेर ट्रिप

वैसे तो अजमेर शरीफ दरगाह पर हर धर्म के लोग माथा टेकने जाते हैं। बॉलीवुड और टीवी सेलिब्रिटीज भी अजमेर अपनी मुराद पूरी होने या मांगने पर अजमेर शरीफ दरगाह पर माथा टेकने जाते हैं। दीपिका कक्‍कड़ ने भी बिग बॉस सीजन 12 का विनर चुने जाने पर ख्‍वाजा जी की दरगाह पर माथा टेका। वह यहां पर अपनी नंद और पति सोएब इब्राहिम के साथ आई थीं। दोनों ने ही अपने इंस्‍टाग्राम पर अपनी अजमेर ट्रिप की तस्‍वीर शेयर की हैं। गौरतलब है कि दीपिका और शोएब ने पिछले साल ही शादी की थी। दीपिका ने जो तस्‍वीर इंस्‍टाग्राम पर शेयर की है, उसमें उसने लिखा है कि, ‘हमें जो कुछ भी ख्‍वाजा जी ने दिया उसके लिए हम उन्‍हें शुक्रिया कहना चाहते हैं।’

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अजमेर जाने से पहले जाने ये बातें 

राजस्‍थान में मौजूद अजमेर शरीफ दरगाह की मान्‍यता दुनिया भर में है। कहने के लिए तो यह मुस्लिम धर्म को मानने वालों का तीर्थ स्‍थल है मगर यहां आपको हर धर्म के लोग माथा टेकटे दिख जाएंगे। यहां पर ख्‍वाजा गरीब नवाज की मदार है। अगर आप आने वाले समय में अजमर शरीफ जा रही हैं तो आपको इन बातों का विशेष ध्‍यान रखना चाहिए। 

  • अजमेंर में उर्स पर्व सबसे मुख्‍य होता है। इस दौरान यहां मेला लगता है और बहुत सारे कार्यक्रम होते हैं। अगर आप को भीड़-भाड़ से परहेज नहीं है तो आप उर्स के दौरान अजमेर जा सकती हैं। यह उर्स इस्‍लामिक कैलेंडर के हिसाब से रजब माह की पहली से छठवीं तारीख तक मनाया जाता है। 
  • दरगाह का सबसे पहला नियम है कि यहां पर आप खुले सिर नहीं जा सकती और न ही आप वैस्‍टर्न कपड़ों में दरगाह के अंदर घुस सकती हैं। इसलिए अगर आप दरगाह जा रही हैं तो आप ध्‍यान रखें कि साड़ी या सूट पहन कर जाएं क्‍योंकि दरगाह में आपको सिर ढांकना होगा जिसके लिए आपको कपड़े की आवश्‍यकता होगी। 
  • दरगाह का दूसरा नियम है कि आप बिना हाथ पैर साफ किए दरगाह में प्रवेश नहीं कर सकतीं। इसके लिए आपको दरगाह में मौजूद जहालरा में हाथ पैर साफ करने होते हैं। यह जहालरा ख्‍वाजा जी के वक्‍त से है और दरगाह के पवित्र कामों में इसका पानी इस्‍तेमाल किया जाता है। 
  • अजमेर में निजाम सिक्‍का नामक एक साधारण पानी भरने वाले ने मुगल बादशाह हुमायुं को एक बार डूबने से बचाया था। उनकी मृत्‍यु के बाद हुमायुं ने उनका मकबरा भी दरगाह के अंदर ही बनवा दिया था। आप इस मकबरे को जरूर देखें। इतना ही नहीं दरगाह के अंदर दो बड़े-बड़े कढ़ाहे हैं। इन कढ़ाहों में रात के वक्‍त बिरियान पकाई जाती है और सुबह उसे प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। यह दोनों कढ़ाहे मुगल बादशाह अकबर और जहांगीर ने बनवाए थे।
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इन बातों का रखें ध्‍यान 

जैसे हिंदू धर्म के तीर्थ स्‍थानों पर धर्म के नाम पर जगह-जगह पैसे वसूले जाते हैं वैसा ही अजमेर शरीफ में भी होता है। अगर आपको कोई यह कहे कि वह आपको दरगाह के दर्शन आसानी से करवा देगा और आपको भीड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा तो उसकी बातों में न आएं क्‍योंकि दरगाह में अगर थर्सडे और फ्राइडे छोड़ कर कभी भी जाया जाए तो उस वक्‍त बहुत भीड़ नहीं होती है। हो सके तो आप संडे के दिन दरगाह जाएं इस दिन भी यहां बहुत कम भीड़ होती है। दरगाह जाने के दो रास्‍ते हैं। एक गेट नंबर 4 और दूसरा गेट नंबर 2। गेट नंबर 2 से दरगा में एंट्रे थोड़ी आसान है क्‍योंकि गेट नंबर 2 तक लोकल कनवेंस जाते हैं और इसलिए यहां पर भीड़ नहीं लगती। वहीं अगर आप गेट नंबर 4 से जाएंगी तो आपको भीड़ भी मिलेगी और काफी चलना भी होगा। गेट नंबर 4 पर दरगाह का मुख्‍य प्रवेश द्वार है। 

अजमेर के आस-पास 

पुष्‍कर- जहां अजमेर मुस्लिम कम्‍युनिटी के लोगों का तीर्थ स्‍थल है वहीं पुष्‍कर हिंदुओं का तीर्थ स्‍थल है। यहां पर भगवान ब्रह्मा का मंदिर है। इस मंदिर की खास बात यह है कि दुनिया भर में ब्रह्मा जी का एक ही मंदिर है और वह पुष्‍कर में है। इतना ही नहीं पुष्‍कर रेतीली जगह है और यहां पर आप कैमल राइड ले सकती हैं। अगर आपको शॉपिंग करनी है तो आप पुष्‍कर की मार्केट से बहुत सारा राजस्‍थानी स्‍टफ खरीद सकती हैं। 

किशनगढ़- अगर आप आर्ट लवर हैं तो आपको एक बार किशनगढ़ जरूर आना चाहिए। यहां पर आपको राजस्‍थान की पॉपुलर आर्ट ‘बनी ठनी’ देखने को मिलेगी। साथ आप यहां पर नाइन प्‍लानेट का टेम्‍पल भी देख सकती हैं। आपको बता दें कि पूरे वश्वि भर में केवल किशनगढ़ में ही आपको नौ गृहों का मंदिर देखने को मिलेगा। 

जयपुर- जयपुर राजस्‍थान की राजधानी है और कई कारणों से यह जगह घूमने लायक है। यहां पर आप इतिहास, कलचर और शॉपिंग सभी का मजा ले सकती हैं। यहां पर आपको ठेठ राजस्‍थानी खाना खाने को भी मिलेगा।