हालही में गुजरात में सरदार वल्‍लभभाई पटेल के स्‍टैचू को आम जनता के देखने के लिए खोला गया है। इस स्‍टैचू के लिए कहा जा रहा है कि यह स्‍टैचू ऑफ लिबर्टी से भी बड़ा स्‍टैचू है मगर, इस स्‍टैचू की हाइट को चुनौती देने के लिए राजस्‍थान के नाथद्वारा में तैयारियां चल रही हैं। दरअसल राजस्‍थान के नाथद्वारा में सरदार वल्‍लभभाई पटेल के स्‍टैचू की हाइट को टक्‍कर देने वाली एक शिव प्रतिमा बनाई जा रही हैं। इस प्रतिमा की हाइट स्‍टैचू ऑफ यूनिटी से भी ज्‍यादा होगी और यह विश्‍व की सबसे बड़ी प्रतिमा होगी। 

World biggest god shiva statue is under construction in rajasthan

क्‍या है शिव प्रतिमा की खासियत 

उदयपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित श्रीनाथद्वारा में एक गणेश टेकरी है। इस टेकरी के उपर सीमेंट और कंकरीट से बनी विश्‍व की सबसे उंची शिव प्रमिा का निर्माण कार्य चल रहा है। यह प्रमिमा 85 प्रतिशत तक पूरी बन चुकी है और अब अगरले साथ इस प्रतिमा के बनकर तैयार होने की सब आस लगाए हुए हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि यह दुनिया की अपने तरह की एक अलग शिव प्रतिमा होगी साथ ही यह विश्‍व की सबसे उंची प्रतिमा भी कह लाएगी। जितनी तेजी से इस प्रतिमा का निर्माण कार्य चल रहा है उसे यही लगता है कि यह प्रतिमा अगले साल मार्च तक बन कर तैयार हो जाएगी। आपको बता दें कि इस प्रतिमा को मिर्जा ग्रुप द्वारा बनवाया जा रहा है और यह मिर्जा ग्रुप का ड्रीम प्रोजेक्‍ट रहा है। अगर प्रतिमा की हाइट की बात करें तो यह 351 फुट है और इसे सीमेंट कंकरीट से बनाया गया है। इस प्रतिमा को श्रीनाथद्वारा के पास गणेश टेकरी में 16 एकड़ क्षेत्र की पहाड़ी पर किया जा रहा है। 

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चार साल से चल रहा है निर्माण 

आपको बता दें कि इस विशल प्रतिमा को बनाने का कार्य पिछले चार वर्षों से चल रहा है। इस प्रतिमा को बनाने में अब तक लगभग तीन लाख बोरे सीमेंट, 2500 टन सरिया इस्तेमाल हो चुका है । इस प्रतिमा को बनाने में 750 कारीगर और मजदूर रोजाना काम कर रहे हैं। प्रतिमा  भगवान शिव की है और इसमें शिव जी को ध्यान और आराम की मुद्रा में दिखाया गया है। यह प्रतिमा इतनी उंची है कि इसे 20 किलोमीटर से ही देखा जा सकता है। बेस्‍ट बात तो यह है इस प्रतिमा में पर्यटकों की सुविधा के लिए चार लिफ्ट और तीन सीढ़ियों का प्रावधान रखा गया है। पयर्टक 280 फुट की ऊंचाई तक जा सकेंगे। यह प्रतिमा रात के वक्‍त भी अच्‍छे से दिखे इसके लिए प्रतिमा खास अमेरिका से मंगाई गईं लाइट्स लगाई जा रही है। 

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स्‍टैचू ऑफ यूनिटी की खासियत 

ये स्टैचू अपने आप में खास है। इसके पैर की ऊंचाई 80 फिट, हाथ की ऊंचाई 70 फिट, कंधे की ऊंचाई 140 फिट और चेहरे की ऊंचाई 70 फिट है। इस स्टैचू को बनाने वाली कंपनी लार्सन एंड टुब्रो ने दावा किया कि स्टैचू ऑफ यूनिटी वर्ल्ड की सबसे ऊंची प्रतिमा है और महज 33 माह के रिकॉर्ड कम समय में बनकर तैयार हुई है जबकि स्प्रिंग टेंपल के बुद्ध की मूर्ति को बनाने में चीन को 11 साल का समय लगा था। 

वर्ल्ड फेमस स्टैचू 

स्प्रिंग टेंपल बुद्धा (चीन) :'स्प्रिंग टेंपल बुद्धा’ ये स्टैचू चीन के हेनान प्रांत में लूसान नामक जगह पर साल 2002 में स्थापित किया गया था। भगवान बुद्ध की इस मूर्ति की ऊंचाई 153 मीटर है।

क्राइस्ट द रीडीमर (ब्राजील) :'क्राइस्ट द रीडीमर' ईसा मसीह की यह स्टैचू ब्राजील के रियो डी जिनेरियो में स्थित है। इस स्टैचू की ऊंचाई 39.6 मीटर है। ईसा मसीह का यह स्टैचू साल 1931 में स्थापित किया गया था।

स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी (अमेरिका) :‘स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी' अमेरिका के न्यूयार्क में साल 1886 में स्थापित किया गया था। इस स्टैचू की ऊंचाई 93 मीटर है।

उशिकू दायबुत्सू (जापान) :'उशिकू दायबुत्सू' भगवान बुद्ध की यह मूर्ति जापान के उशिकू स्थित है। इस मूर्ति की ऊंचाईं 120 मीटर है यह मूर्ति साल 1995 में स्थापित की गई। 

द मदरलैंड काल्स (रूस) :'द मदरलैंड काल्स' का मतलब है मातृ देवी यह मूर्ति रूस के वोल्गोग्रैड में स्थित है। इस मूर्ति की ऊंचाई 85 मीटर है यह साल 1967 में स्थापित की गई थी।

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