भारत में मॉनसून या सर्दियों में कई बार ऐसा होता है कि दो-तीन दिनों तक सूरज बादलों से ढका होता है। ऐसे समय में बहुत ज्यादा सर्दी बढ़ जाती है और हवा चलने लगती है। पर फिर भी भारत में ऐसी जगह बहुत ही कम होती है जहां मौसम ऐसा हो जाए कि रहना ही मुश्किल हो जाए। पर दुनिया की ऐसी कई जगह हैं जहां लोग चरम परिस्थितियों में जीते हैं। 

दुनिया के सबसे ठंडे शहर से लेकर, आर्किटक सर्कल के करीब मौजूद इलाकों में परिस्थितियां कुछ ऐसी होती हैं कि वहां सर्वाइव करने के लिए बहुत मुश्किल होती है। आज हम ऐसे ही एक शहर की बात कर रहे हैं जो आर्कटिक सर्कल के बहुत करीब है और साथ ही साथ यहां पर 1.5 महीने की रात होती है और गर्मियों में 2 महीने तक सूरज आसमान में टिका रहता है। ये जगह है रशिया का मरमंस्क शहर जिसे द गार्डियन पब्लिकेशन ने सनलेस सिटी का नाम दिया था। 

भारत की सबसे ठंडी जगह है द्रास, लेकिन दुनिया भर में ऐसी कई जगह हैं जहां द्रास से भी ज्यादा तापमान गिर जाता है और सिर पर सूरज तक नहीं रह जाता है कि लोग धूप सेंक सकें। चलिए आज ऐसे ही शहर मरमंस्क की बात करते हैं जो रशिया में है। 

russia polar night

1.5 महीने की पोलर नाइट-

सर्दियों में रातें लंबी होती हैं ये तो हम जानते हैं, लेकिन अगर आपको कहा जाए कि आपको 6-7 हफ्तों तक बिना सूरज के रहना है तो आप शायद सोच में पड़ जाएंगे। ऐसी जगह जहां 40 दिनों तक सुबह ही नहीं होती है और तापमान -30 डिग्री से -40 डिग्री के बीच रहता है। यहां के लोग अपनी गाड़ियों को बंद नहीं करते हैं क्योंकि ऐसा करने पर इंजन स्टार्ट ही नहीं होगा। 

russia christmas

यहां पर लोग सर्दियों के समय कम बाहर निकलते हैं, लेकिन आसमान में नॉर्दन लाइट्स का खूबसूरत नजारा दिखता है। पर ये खूबसूरती पूरे 40 दिनों तक जमी रहती है और यहां अधिकतर लोगों को सर्दी-जुकाम नहीं बल्कि फ्रॉस्ट बाइट जैसी गंभीर बीमारियां हो जाती हैं। सर्दियों के समय लोगों को 24 घंटे लाइट जलानी होती है और साथ ही साथ यहां खाना पीना अधिकतर जानवरों पर निर्भर करता है। 

murmansk russia

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कब होती है पोलर नाइट-

मरमंस्क में  2 दिसंबर से 11 जनवरी के बीच रात होती है। ये एक दो दिन ऊपर नीचे हो सकते हैं, लेकिन 2 दिसंबर के बाद यहां सूरज का दिखना लगभग नामुमकिन सा हो जाता है। 1.5 महीने बाद जब यहां सूरज निकलने वाला होता है तब उस समय को रेडियो पर अनाउंस किया जाता है और साथ ही साथ कई लोग पहाड़ी पर चढ़कर सूरज को उगते हुए देखते हैं। ये किसी फेस्टिवल से कम नहीं होता जब उन्हें लंबी रात से छुटकारा मिलता है। हालांकि, 11 जनवरी के बाद भी कई दिनों तक सूरज सिर्फ कुछ मिनटों और कुछ घंटों के लिए ही दिखता है जैसे एक दिन सूरज 30 मिनट के लिए उगेगा फिर 50 मिनट और ऐसे समय बढ़ता है। 

अब तो आप समझ ही गए होंगे कि मरमंस्क की पोलन नाइट कितनी मुश्किल होती है। यहां पर क्रिसमस सेलिब्रेशन भी पोलर नाइट में ही होता है और लोग गर्म रहने के लिए वोदका का सहारा लेते हैं। 

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60 दिनों का दिन जो होता नहीं खत्म- 

जहां पोलर रात की बात हम कर चुके हैं वहीं अब पोलर दिन के बारे में भी बात करते हैं। ये पोलर दिन 22 मई से 22 जुलाई तक रहता है। इस दौरान यहां 35 डिग्री सेल्सियस तक तापमान बढ़ सकता है और यहां सूरज डूबता ही नहीं है। जरा सोचिए रात में अगर आप जागें और ये अंदाज़ा ही भूल जाएं कि रात है या फिर दिन तो क्या होगा?  

russia polar day

यहां लोग पोलर दिनों में रात और दिन का फर्क ही भूल जाते हैं और अपनी जिंदगी ऐसे ही जीते हैं। वैसे तो ये शहर सालभर ठंडा रहता है, लेकिन जब 60 दिनों तक सूरज डूबता ही नहीं है तब लोगों को सनबर्न की शिकायत होने लगती है। यहां की गर्मियां बस इतनी ही होती है और अधितम तापमान 30-35 डिग्री तक जाता है जो मरमंस्क के लोगों को परेशान करने के लिए काफी है।  

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यहां टूरिस्ट का क्या होता है हाल? 

चर्चित रशियन फोटोग्राफर Sergey Ermokhin ने मरमंस्क में ही रहते हैं और उन्होंने यहां पोलर दिन और पोलर रातें दोनों ही बिताईं और उन्होंने अपने एक्सपीरियंस अपने ट्रैवलॉग में शेयर किए- 

- ' यहां पोलर दिन में रात के 2.3 बजे भी ऐसा लगता है जैसे दोपहर के दो बज रहे हों। अगर उस वक्त आपको भूख लगे तो शायद ही कोई दुकान खुली मिले क्योंकि स्थानीय समय के हिसाब से रात के ढाई बज रहे होंगे। '

- यहां पोलर दिन में सूरज डूबता नहीं है बस आसमान के चक्कर लगाता है। 

- पोलर दिन में अच्छी खासी गर्मी रहती है और घरों में हर वक्त धूप आने से रोकने के लिए मोटे पर्दे लगाए जाते हैं। 

- पोलर रात में यहां बहुत ठंड होती है और अगर आपने कहीं ताला लगाया है तो वो भी जम जाता है। आग से उसे थोड़ा पिघला कर फिर खोलना पड़ता है। 

- यहां बहुत ठंड पड़ती है और -35 डिग्री तापमान में 40 दिनों तक सूरज नहीं निकलता है।  

तो अगली बार जब भी आप किसी अनोखी जगह जाने के बारे में सोचें तो मरमंस्क शहर को न भूलें। ये जगह अद्भुत है और यहां पर्यटकों की कमी होने के कारण ये शहर बहुत भीड़-भाड़ वाला नहीं है। फिर भी यहां के स्थानीय 3 लाख लोग आपका स्वागत पूरी गर्मजोशी से करेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।