महाराष्ट्र से जुड़ी कई ऐसी एतिहासिक कहानियां हैं, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज है। महाराष्ट्र राज्य पर मराठों का शासन रहा है, ऐसे में वहां के क़िले उन्हीं से संबंधित भी हैं। महाराष्ट्र में कई क़िले हैं जो यात्रियों के पसंदीदा टूरिस्ट प्लेस में से एक है। हालांकि समय के साथ लोगों में इतिहास और एडवेंचर दोनों को लेकर दिलचस्पी बढ़ी है। ट्रैकिंग के ज़रिए ख़ूबसूरत वादियों का नज़ारा लेना चाहती हैं तो आपके लिए ऑफबीट ट्रैवलिंग बेस्ट है।

महाराष्ट्र में कई ऐसे क़िले हैं, जहां आप ट्रैकिंग करते हुए आसानी से पहुंच सकते हैं। उन्हीं में से एक है महाराष्ट्र की पहाड़ियों में स्थित ख़ूबसूरत क़िला, जिसका नाम तोरणा फ़ोर्ट है। पुणे ज़िले में स्थित तोरणा फ़ोर्ट बेहद ख़ूबसूरत होने के साथ-साथ ट्रैकिंग के लिए भी बेस्ट प्लेस है। यही नहीं यह पुणे ज़िले का सबसे ऊंचा क़िला माना जाता है, इसलिए ट्रैकिंग लवर और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों को यह जगह अधिक लुभाती है। आइए जानते हैं मराठों के इस क़िले के बारे में...

तोरणा क़िले का इतिहास

torna fort

महाराष्ट्र में वैसे तो कई क़िले हैं, लेकिन तोरणा क़िला पर्यटकों को अधिक लुभाता है, क्योंकि इस क़िले के आसपास ख़ूबसूरत नज़ारों के साथ-साथ शांति और सुकून दोनों मिलता है। तोरणा फ़ोर्ट के इतिहास की बात करें तो इसे प्रचंडगढ़ के नाम से भी जाना जाता है। पुणे ज़िले में स्थित यह एक सबसे बड़ा क़िला है। माना जाता है कि तोरणा क़िला 13 वीं शताब्दी में भगवान शिव के उपासक शिव पंथ ने बनवाया था। क़िले के प्रवेश द्वार के पास स्थित एक मेंघई देवी मंदिर है, जिसे तोरणा मंदिर भी कहा जाता है। वहीं ऐतिहासिक रूप से यह काफ़ी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 1646 में 16 साल की उम्र में छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा क़ब्ज़ा किया जाने वाला पहला क़िला था। समुद्र तल से 4603 फीट की ऊंचाई पर स्थित तोरणा फ़ोर्ट सबसे उंचा पहाड़ी क़िला है।

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तोरणा फ़ोर्ट जाने का सही समय

torna fort timing

अगर आप महाराष्ट्र जा रही हैं तो इस क़िले को एक्सप्लोर करना ना भूलें। वहीं यहां जाने के सही समय की बात करें तो यहां का वातावरण ऐसा है कि लोगों का आना-जाना सालभर तक लगा रहता है। ऑफबीट लोकेशन होने की वजह से टूरिस्ट यहां आने के लिए सही समय का इंतज़ार नहीं करते हैं। हालांकि ट्रैकिंग लवर यहां आने के लिए मानसून का इंतज़ार ज़रूर करते हैं, क्योंकि इस मौसम में यहां खूब हरियाली देखने को मिलती है। मौसम ठंडा और सुहावना नज़र आता है, लेकिन मानसून में ट्रैकिंग करना बहुत मुश्किल हो सकता है। अगर आप ट्रैकिंग एक्सर्पट हैं तो तोरणा फ़ोर्ट जा सकती हैं वरना अधिक बारिश के मौसम में जाने से बचें। वहीं यहां आने के लिए अक्टूबर से लेकर मार्च तक का समय बेस्ट माना जाता है। इन दिनों में टूरिस्टों का जमावड़ा खूब देखने को मिलता है। 

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क्यों जाएं तोरणा फ़ोर्ट

torna fort trek

तोरणा फ़ोर्ट के आसपास राजगढ़ का क़िला, राजगढ़, और सिंहाबाद जैसी कई जगहें हैं जहां आप घूम सकती हैं। ट्रैकिंग के लिए अक्सर लोग हिमाचल, उत्तराखंड जैसे राज्यों में जाना पसंद करते हैं, लेकिन अगर आप बाक़ी राज्यों की भी पहाड़ी जगहों को एक्सप्लोर करना चाहती हैं तो तोरणा फ़ोर्ट ज़रूर जाएं। वहीं मराठों के इतिहास को क़रीब से जानने में रुचि रखती हैं तो यह जगह आपके लिए परफ़ेक्ट है। शहर की भागदौड़ भरी ज़िंदगी से दूर आप हरियाली और सुहावना मौसम देखना चाहती हैं तो इस जगह को ज़रूर घूमें।

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