लोगों का ऐसा मानना है कि भगवान शनि देव ग्रहों में सबसे प्रभावशाली होते हैं इसलिए लोग उनकी पूजा करते टाइम काफी सावधानी बरतते हैं और उनके प्रकोप से बचने के लिए शनिवार के दिन उनकी पूजा करते हैं। 

ऐसा कहा जाता है कि जिस व्यक्ति पर भगवान शनिदेव की कृपा हो जाती है, वो रंक से राजा बन जाता है। इंडिया में शनिदेव के कुछ ऐसे मंदिर हैं जहां शनि देवता के दर्शन करने के लिए हमेशा लम्बी लाइनें लगी रहती हैं। साथ ही इन मंदिरों के बारे में ऐसा भी कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति यहां दर्शन करने आता है उसके शनि दोष जरूर दूर हो जाते हैं। 

चलिए जानते हैं उन मंदिर के बारे में जहां शनि देवता के दर्शन के लिए उमड़ती है हजारों लोगों की भीड़। 

महाराष्ट्र में स्थित है यह मंदिर 

महाराष्ट्र में स्थित शनि शिंगणापुर मंदिर में दर्शन करने के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं। इस मंदिर में शनि देव की मूर्ति लगभग पांच फीट नौ इंच ऊंची और लगभग एक फीट छह इंच चौड़ी है। इस मूर्ति के दर्शन के लिए यहां कोसो दूर से भी लोग आते हैं। 

दिल्ली से थोड़ी दूरी पर है यह मंदिर 

दिल्ली से थोड़ी दूरी पर कोसीकलां पर भगवान शनिदेव का मंदिर स्थित है। इसके आस-पास नंदगांव, बरसाना और श्री बांकेबिहारी मंदिर भी हैं। शनि देव के इस मंदिर के बारे में ऐसा कहा जाता है कि यहां आकर परिक्रमा करने से सभी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। 

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इंदौर में स्थित है यह मंदिर 

इंदौर में शनिदेव का प्राचीन और चमत्कारिक मंदिर स्थित है। ऐसा माना जाता है कि जूनी इंदौर में स्थापित इस मंदिर में शनि देवता स्वयं पधारे थे। साथ ही इस मंदिर के बारे में ऐसा कहा जाता है कि यहां लगभग 300 साल पहले एक 20 फुट ऊंचा टीला था। 

तमिलनाडु में स्थित है यह मंदिर 

शनिदेव को समर्पित तिरुनल्लर मंदिर तमिलनाडु के नवग्रह मंदिरों में से एक है। इस मंदिर के बारे में ऐसी मान्यता है कि  यहां आकर पूजा करने से आपके ग्रह में शनि का प्रकोप खत्म हो जाता है। 

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मध्य प्रदेश में स्थित है यह मंदिर 

मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में शनिदेव का प्राचीन मंदिर स्थित है, जिसे शनिश्चरा मंदिर कहा जाता है। इस मंदिर के बारे में ऐसा माना जाता है कि भगवान हनुमान ने लंका से शनिदेव को यहां फेंका था, तभी से शनिदेव यहां पर विराजमान हैं। यहां पर शनिदेव को तेल अर्पित करने के बाद गले मिलने की प्रथा भी है। 

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