रोजमर्रा की जिंदगी में भले ही महिलाएं नो मेकअप लुक में नजर आ जाएं, लेकिन किसी खास मौके के लिए अच्छा मेकअप करने से महिलाएं जितनी कॉन्फिडेंट फील करती हैं, उतना किसी और चीज से नहीं करतीं। पार्टी या ईवेंट के हिसाब से परफेक्ट लुक पाने के लिए मेकअप से जुड़ी कई छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखने की जरूरत होती है। लेकिन जानकारी के अभाव में महिलाएं मेकअप से जुड़े कई मिथ्स पर भी यकीन करती हैं, जिससे उनकी स्किन को पहुंच सकता है नुकसान। मैटलुक कॉस्मेटिक्स के एमडी और मेकअप एक्सपर्ट यशु जैन से आइए जानते हैं ऐसे ही मेकअप मिथ्स और फैक्ट्स के बारे में-

मिथ नंबर 1: मॉइस्चराइजर प्राइमर का विकल्प है

make up myths moisturiser inside

फैक्ट: मॉइस्चराइजर और प्राइमर, फार्मूला और उपयोग के लिहाज से दो अलग-अलग चीजें हैं। मॉइस्चराइज़र त्वचा को हाइड्रेट करता है, जबकि प्राइमर स्मूथ त्वचा के लिए आधार बनाता है, फाइन लाइंस को भरता है और फाउंडेशन के लिए एक सतह बनाता है। यह मेकअप को लंबे समय तक बनाए रखता है। हमेशा मेकअप के आधार के रूप में प्राइमर का यूज करने की सलाह दी जाती है। अगर आप कम दाम में अच्छी क्वालिटी का मॉस्चराइजर खरीदना चाहती हैं तो यहां से खरीदें। इसकी एमआरपी है 265 रुपये, लेकिन डील में यह मिल रहा है सिर्फ 186 रुपये में। 

मिथ नंबर 2: फाउंडेशन में सनस्क्रीन है तो अलग से जरूरत नहीं है

make up myths

फैक्ट: अधिकांश कॉस्मेटिक कंपनियों का दावा है कि उनकी फाउंडेशन में एसपीएफ़ शामिल है, जबकि सच्चाई यह है कि उनमें आपकी त्वचा की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सनस्क्रीन सामग्री नहीं है। अगर आप दिन में मेकअप कर रही हैं तो हमारी सलाह है कि हमेशा सनस्क्रीन लगाएं।

मिथ नंबर 3: मस्कारा को केवल तभी फेंकना चाहिए जब वह सूख जाए

make up myths mascara

फैक्ट: मस्कारा का उपयोग पहले उपयोग के तीन महीने तक की अवधि के लिए ही होता है। इस अवधि बीत जाने के बाद यह बैक्टीरिया के फलने-फूलने की जगह के रूप में काम करने लगता है। इससे आंखों को इन्फेक्शन भी हो सकता है।

मिथ नंबर 4: अगर आपके काॅस्मेटिक्स कोई और यूज नहीं करता तो ब्रश धोने की जरूरत नहींं

make up brushes myths inside

फैक्ट: मेकअप ब्रश कई तरह के कॉस्मेटिक प्रॉडक्ट्स के संपर्क में आते हैं और इस तरह उन्हें धोना एक नियमित स्वच्छता की तरह है। ब्रश धोने से परहेज करने से उसमें बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं, जो त्वचा के लिए खतरनाक होता है और उसके उपयोग करने की अवधि भी कम हो जाती है।

मिथ नंबर 5: कंसीलर को फाउंडेशन से पहले लगाया जाता है

फैक्ट: कई बार फाउंडेशन से पहले कंसीलर लगाने से कंसीलर का असर पूरी तरह से हट जाता है। इसके अलावा, फाउंडेशन के बाद कंसीलर लगाने से डार्क सर्कल और फाइन लाइंस जैसी खामियों को छिपाने में मदद मिलती है।