मानसून का सीजन अपने साथ खूबसूरत मौसम, मधमस्त हवाएं और ह्यूमिडिटी लेकर आता है। ये ह्यूमिडिटी न सिर्फ स्किन के लिए खराब होती है बल्कि ये बालों के  लिए भी काफी नुकसानदेह साबित हो सकती है। मानसून के सीजन में बालों में फ्रिज़ीनेस आपके अच्छे खासे लुक को बिगाड़ सकती है और इस मौसम में बालों में इन्फेक्शन होने और उनकी जड़ों के डैमेज होने की गुंजाइश काफी ज्यादा रहती है। 

इस सीजन में स्कैल्प की हेल्थ के साथ-साथ आपको बालों के प्रोटीन पर भी ध्यान रखना चाहिए। प्रोटीन की कमी और प्रोटीन ओवरडोज दोनों से ही ये जरूरत से ज्यादा फ्रिजी हो सकते हैं। ये सीजन बालों के टेक्सचर को खराब करने के लिए काफी है और अगर आपने थोड़ा ध्यान नहीं रखा तो ऐसे में लंबे समय तक चलने वाली हेयर प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। 

आखिर क्यों इस सीजन में फ्रिज़ी होते हैं बाल?

इस सीजन में बालों के फ्रिज़ी होने का कारण है हवा जिसमें ह्यूमिडिटी भरी रहती है। ये हवा बालों को हल्का नम कर देती है जिससे बाल ड्राई और डल लगने लगते हैं पर उनकी जड़ें गीली रहती हैं। ऐसे में फ्रिज़ पैदा होता है और अगर आपके बाल पहले से ही डैमेज हैं तो ये उन्हें और खराब कर देगी। 

frizz and monsoon

International Journal of Trichology (2010) की एक रिसर्च कहती है कि ऑयल ग्लांड्स में सीबम बहुत ज्यादा भर जाता है अगर स्कैल्प को ह्यूमिड मौसम में ठीक से साफ न किया जाए तो। 

ऐसे में स्कैल्प में इन्फेक्शन पैदा करने वाले माइक्रोब्स पैदा होते हैं और इससे डैंड्रफ, इन्फेक्शन, जुएं जैसा बहुत कुछ हो सकता है। स्कैल्प में होने वाले फंगल इन्फेक्शन के लिए भी यही जिम्मेदार होते हैं। इस स्टडी में कुछ टिप्स भी बताए गए हैं जो आपके बालों की सेहत को सुधारने में मदद कर सकते हैं। 

इसे जरूर पढ़ें- स्किन को 10 साल जवां दिखाने के लिए ऐसे इस्तेमाल करें चावल के पानी के आइसक्यूब्स 

मानसून में फ्रिज़ीनेस को रोकने के लिए क्या किया जाए? 

बालों को बारिश के पानी से बचाएं-

बारिश का पानी एसिडिक भी होता है जिससे ज्यादा समस्या पैदा हो सकती है। जब आपके बाल मानसून की बारिश में भीगते हैं तो वो मॉइश्चर लूज करते हैं और ये और भी ज्यादा ड्राई हो जाते हैं। इसी के साथ, बारिश के पानी से बालों में इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। 

frizzy hair in monsoon

अपने बालों को जरूरत से ज्यादा न धोएं-

आपके बाल आपके लिए बहुत ही जरूरी है कि बालों की फ्रिज़ कम रखने के लिए उन्हें ज्यादा न धोएं। अगर आप उन्हें ज्यादा धोते हैं तो ये डैमेज को और बढ़ाएगा ही। हफ्ते में तीन बार से ज्यादा बालों को धोना (ड्राई बालों के लिए दो बार) सही नहीं है। 

जरूरत से ज्यादा ऑयलिंग भी करेगी नुकसान-

अगर आप अपने बालों में जरूरत से ज्यादा ऑयल लगाते हैं तो स्कैल्प पोर्स बंद हो जाएंगे। साथ ही जब पहले से ही बालों में नमी है और सीबम से भरे हुए हैं तब तेल लगाना बालों की फ्रिज़ीनेस को बढ़ाएगा। यही कारण है कि मानसून में तेल लगाने के बाद भी कई लोगों के बाल जरूरत से ज्यादा फ्रिज़ी हो जाते हैं।

monsoon hair problems friza 

कंडीशनर जरूर लगाएं-

फ्रिज़ी बालों को ठीक करने के लिए कंडीशनर सबसे अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है। बालों की ड्राइनेस को कम करने और डैमेज कंट्रोल के लिए बालों में सीरम लगाना भी अच्छा साबित हो सकता है। 

बालों में लगाएं प्रोटीन युक्त हेयर मास्क- 

बालों में ऐसे हेयर मास्क लगाएं जिसमें अंडा, दही आदि मौजूद हो। ऑलिव ऑयल वाला हेयर मास्क भी अच्छा साबित हो सकता है। बालों में प्रोटीन ओवरडोज भी नहीं होना चाहिए, लेकिन प्रोटीन की कमी भी नहीं होनी चाहिए। 

Recommended Video

 

इसे जरूर पढ़ें- स्किन में कसाव ला सकते हैं ये फेस पैक्स, झुर्रियों से मिल सकता है छुटकारा 

स्टाइलिंग से रहें दूर- 

बालों की स्टाइलिंग, ब्लो ड्राई, आयरन रॉड आदि इन्हें मॉइश्चर से दूर ले जाती हैं। अगर ऐसी स्थिति बनती है तो बाल ज्यादा फ्रिज़ी होते हैं और टूटते हैं। बालों को नेचुरली सूखने दें। हीट और केमिकल्स जितने ज्यादा इस्तेमाल होंगे बालों की समस्याएं उतनी ज्यादा बढ़ेंगी।  

ये सारे टिप्स आपके बालों को डैमेज से बचा सकते हैं, लेकिन अगर बालों में जरूरत से ज्यादा परेशानी हो रही है तो आप एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।