अगर आपकी स्किन पर कहीं जलने का निशान पड़ गया है या फिर स्किन में कोई घाव हो गया है तो यकीनन बहुत ज्यादा तकलीफ होती है। चोट का दर्द तो होता ही है साथ ही हमेशा स्किन पर वो निशान देखना बहुत मुश्किल हो जाता है। जलने के या चोट के निशानों को ठीक करने के लिए बहुत सारे ट्रीटमेंट्स किए जाते हैं जो डॉक्टर की सलाह पर ही करवाने चाहिए, लेकिन अगर आप उसके लिए कोई ठीक सा स्किन केयर रूटीन खोज रही हैं या फिर आप मेकअप ट्रिक्स अपनाना चाहती हैं तो ये खबर आपके लिए है। 

हमने ब्यूटी एक्सपर्ट शहनाज़ हुसैन से इसके बारे में बात की है और ये जानने की कोशिश की कि इसके लिए क्या टिप्स हो सकती हैं। उन्होंने हमें विस्तार से जलने के निशानों के ट्रीटमेंट्स और DIY टिप्स के बारे में बताया। 

क्या पूरी तरह से ठीक हो सकते हैं जलने के दाग?

शहनाज़ जी का कहना है कि वो दाग जो बहुत ज्यादा जलने या फिर किसी चोट की वजह से आए हैं उनके लिए डॉक्टर के सुझाव के बाद प्लास्टिक सर्जरी या कोई कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट करवाया जा सकता है। स्किन जो जलने के घाव से भर रही होती है उसमें अक्सर एक्स्ट्रा ग्रोथ हो जाती है, एक्स्ट्रा टिशू दिखते हैं और ये केलॉइड्स (keloids) बन सकते हैं। 

जहां पर इस तरह की टिशू ग्रोथ होती है वहां पर कई बार लंबे इलाज की जरूरत होती है या फिर ये परमानेंट हो जाते हैं। इसलिए ये कहना कि किसी नॉर्मल स्किन केयर रूटीन से इन्हें पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है ये गलत होगा। हां, इन्हें कम किया जा सकता है और मेकअप से इन्हें छुपाया जा सकता है। 

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जलने के निशानों के लिए होते हैं किस तरह के ट्रीटमेंट्स?

जिन ट्रीटमेंट्स की मदद से जलने के निशान कम होती हैं उनमें लेजर थेरेपी, माइक्रो डर्माब्रेशन, केमिकल पीलिंग, अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड्स आदि होते हैं। हालांकि, केमिकल पील के रिस्क को देखते हुए बायो पीलिंग ज्यादा बेहतर ऑप्शन लगता है। Veg Peel नामक ट्रीटमेंट भी है जिससे ऐसे निशानों को कम किया जा सकता है। पर ये सभी ट्रीटमेंट्स तब करवाए जाते हैं जब जलने का घाव ठीक हो चुका होता है। 

होम रेमेडीज भी जलने के निशान को कम करने में मदद कर सकती है, लेकिन इन्हें तभी करना चाहिए जब निशान पूरी तरह से ठीक हो चुका हो। 

दही की मदद से करें स्किन केयर रूटीन-

अगर आपके शरीर में ऐसा कोई दाग है तो दही की मदद से आप उसके टिशू को सॉफ्ट कर सकते हैं। हालांकि, इसे तभी अपनाएं जब घाव पूरी तरह से ठीक हो चुका हो और वो नार्मल निशान रह गया हो ना कि केलॉइड्स, पिंपल या कुछ और बना हो। इसके लिए आप डॉक्टर की सलाह भी ले सकते हैं क्योंकि थोड़ा सा भी इन्फेक्शन स्थिति को खराब कर सकता है। 

दो चम्मच दही में चुटकी भर हल्दी मिलाकर उस निशान पर लगाएं और 15 मिनट बाद उसे धो लें। ये पिगमेंटेशन को लाइट करेगा और निशान को कम करेगा। 

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एक्सफोलिएशन करेगा रफ स्किन को ठीक करने में मदद- 

आपके लिए एक्सफोलिएशन भी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। बादाम पाउडर या फिर चावल के आटे में दही मिलाकर उस एरिया को सर्कुलर मूवमेंट्स में स्क्रब करें। ध्यान रहे कि बहुत ज्यादा प्रेशर नहीं मिलाना है। इसे 5 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें और फिर सादे पानी से इसे साफ करें। ये हफ्ते में दो या तीन बार किया जा सकता है।  

एक्सफोलिएशन के लिए ओट्स पाउडर को अंडे की सफेदी के साथ मिलाकर भी लगाया जा सकता है। इसमें सूखे और पाउडर किए हुए नींबू और संतरे के छिलके भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। जब ये सूख जाए तो पानी से हल्का सा मोइस्ट करके इसे निकाल लीजिए। इस एरिया पर 20 मिनट बाद एलोवेरा जेल लगा लीजिए ताकि ये सॉफ्ट हो जाए।  

शहद और नींबू का रस मिलाकर भी आप अपने निशानों पर लगा सकते हैं, लेकिन यहां ध्यान रखें कि कई लोगों को नींबू का रस सूट नहीं करता है क्योंकि वो एसिडिक होता है। ऐसे में ये आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। 1 छोटा चम्मच एलोवेरा जेल और कुछ बूंदे नींबू का रस मिलाकर भी लगाया जा सकता है।  

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फ्रूट मास्क साबित होंगे मददगार- 

जलने के निशान कम करने के लिए फ्रूट मास्क भी मददगार साबित हो सकते हैं। पका हुआ पपीता और खीरा ग्रेट करके अपने निशान पर लगाएं। ऐसे ही टमाटर और संतरे का गूदा भी लगाया जा सकता है। ऐसे पैक्स को हर दिन आप लगा सकते हैं और फिर आधे घंटे बाद उसे धो सकते हैं। ये पैक स्किन के पिगमेंटेशन को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं और साथ ही साथ ये डेड स्किन सेल्स को भी हटाते हैं।  

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मेकअप की मदद से कम करें जलने के निशान- 

मेकअप चोट के निशान कम करने के लिए भी मददगार साबित हो सकता है। ये आप कंसीलर की मदद से कर सकते हैं। कंसीलर स्टिक, क्रीम या केक के फॉर्म में आते हैं और आप अपनी स्किन के हिसाब से इन्हें चुन सकते हैं। झाइयां, पिगमेंटेशन, निशान आदि को कंसील करने के लिए कंसीलर काफी मददगार होते हैं।  

ऐसा ही आप फाउंडेशन से भी कर सकते हैं। आपका फाउंडेशन आपकी स्किन टोन से थोड़ा लाइट होना चाहिए। अगर आप चाहें तो दो फाउंडेशन भी इस्तेमाल कर सकती हैं जिसमें से एक आपकी स्किन टोन से मैच करता हुआ होना चाहिए और दूसरा लाइट या डार्क (ये उस बॉडी पार्ट पर निर्भर करता है जिसे फाउंडेशन से कवर करना है)।  

हमेशा मेकअप लगाने से पहले क्लींजिंग करने के बाद अपनी स्किन पर मॉइश्चराइजर लगाएं और कुछ मिनट बाद फिर डार्क या लाइट फाउंडेशन लगाकर उसे ब्लेंड करें और कंसीलर का इस्तेमाल भी करें। फिर नॉर्मल स्किन टोन वाला फाउंडेशन लगाएं और ये सब कुछ अच्छे से ब्लेंड कर लें। इसके बाद सेटिंग पाउडर लगाएं और आपका मेकअप पूरा करें।  

एक बात का ध्यान हमेशा रखें कि किसी भी तरह का DIY या स्किन केयर रूटीन को अपनाने से पहले डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी है। अगर आपका घाव पूरी तरह से ठीक भी हो गया है तो भी पैच टेस्ट जरूर कर लें। किसी भी तरह का छोटा सा इन्फेक्शन भी खतरनाक साबित हो सकता है। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।