हेल्‍दी बॉडी पाने के लिए वेट को कंट्रोल में रखना और वेट कंट्रोल करने के लिए एक्‍सरसाइज के साथ-साथ डाइट का ध्‍यान रखना बेहद जरूरी होता है। खासतौर पर चीनी को कंट्रोल करना जो आपकी बॉडी के एक्‍स्‍ट्रा फैट को बढ़ाता है। फैट बढ़ाने के साथ-साथ चीनी से डायबिटीज, लीवर, दिल के रोग और हाई ब्‍लड प्रेशर जैसी खतरनाक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इन सभी बातों की जानकारी के बावजूद भी हम चीनी लेना कम नहीं करते हैं क्‍योंकि हमारी बॉडी को चीनी की लत लग जाती है।

लत क्‍यों है चीनी 

जी हां जिस तरह किसी शराब या स्‍मोकिंग की लत लगती है ठीक उसी तरह अगर कोई अधिक चीनी खाता है तो उसे बार-बार चीनी या मीठा खाने की लत लग जाती हैं। यह इसलिए होता है क्योंकि अधिक चीनी खाने से दिमाग से डोपामाइन हार्मोन का अधिक स्राव होता हैं जिससे लत लग जाती हैं। या आप इसे ऐसे भी समझ सकती हैं कि एक रिसर्च के अनुसार शुगर हमारे ब्रेन में स्‍ट्रेस बढ़ाने वाले हॉर्मोन कोर्टिसोल का उत्पादन बंद करता है। जिसकी वजह से इसका सेवन करने से आपको अच्छा महसूस होने लगता है। जिस कारण आप चीनी लेना कम नहीं कर पाती हैं। लेकिन चीनी का ज्यादा सेवन करने से हमारी बॉडी में कुछ बदलाव होने लगते हैं। इन बदलावों पर ध्यान देकर ये समझा जा सकता है कि आपको चीनी लेना कम कर देना चाहिए। आइए इन संकेतों के बारे में जानते हैं।

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कैविटी

मुंह में मौजूद एसिड के कारण दांतों के इनेमल खोखले होने लगते हैं जिसके कारण कैविटी का निर्माण होता है। मुंह में मौजूद बैक्‍टीरिया लार के साथ मिलकर दांतों की सतह पर जमा होने लगते हैं जिसे प्लॉक कहा जाता है। प्‍लॉक में मौजूद बैक्‍टीरिया आपके खाने में मौजूद शुगर एवं कार्बोहाइडेट को अम्ल में परिवर्तित कर देता है इसी अम्ल के कारण दांत खोखले होने लगते हैं, जिससे कैविटी का निर्माण होता है।
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हाई ब्‍लड प्रेशर

अगर आप ब्‍लड प्रेशर हाई रहता है तो आपका चीनी लेना कम कर देना चाहिए। क्‍योंकि इससे आपकी समस्‍या बढ़ती है और इससे आपको हार्ट अटैक होने का भी खतरा रहता है।

लगातार मुंहासे होना

मुंहासे होने का कारण हॉर्मोन का असंतुलित होना होता है। ज्यादा चीनी लेने से ये समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है। इसलिए अगर आपको मुंहासों की समस्या रहती है तो चीनी लेना कम देना चाहिए।

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थकान

अगर आपको बहुत ज्‍यादा थकान या तनाव महसूस होता है तो आपको चीनी लेना कम कर देना चाहिए। जब आप चीनी खाती हैं तो ब्लड शुगर जल्दी बढ़ता है। इससे दिमाग खाना खाने के बाद भी शांत नहीं हो पाता है। इन समस्‍याओं से बचने के लिए आप चीनी के इन विकल्‍पों का इस्‍तेमाल कर सकती है। आइए चीनी के प्राकृतिक विकल्‍पों के बारे में जानकारी लेते हैं।

चीनी के विकल्प

स्टेविया
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यह एक प्राकृतिक मीठा पदार्थ है जो कि चीनी की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है। स्‍टेविया एक आयुर्वेदिक पौधा है जो डायबिटीज और मोटापे में अमृत के समान है। आपको जानकर हैरानी होगी कि स्टेविया गन्ने के मुकाबले 300 गुना ज्यादा मीठा होने के बावजूद डायबिटीज को रोकने में हेल्‍प करता है। पेक्रियाज से इंसुलिन आसानी से मुक्त होता है। आयुर्वेद के अनुसार स्टेविया के चार पत्तों का चायपत्ती की तरह से इस्तेमाल किया जाये। इसको पचाने से बॉडी में एन्जाइम और ग्लूकोज ही मात्रा बढ़ती है। इसमे आवश्यक विटामिन और मिनरल होते हैं। इसे चाय, कॉफी और दूध आदि के साथ उबाल कर प्रयोग किया जा सकता है।

गुड़

चीनी का सबसे बेहतरीन विकल्प गुड़ है। आप चाहें तो गुड़ को हर उस चीज में मि‍ठास के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, जहां आप चीनी का प्रयोग करते हैं। यह ब्‍लड बढ़ाने में सहायक है। साथ ही इसके इस्तेमाल से पाचन क्रिया भी बेहतर होती है। 

शहद
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किसी चीज को मीठा करने के लिए शहद का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये शुगर सब्स्टीट्यूट के रूप में प्रयोग किया जाने वाला सबसे अच्‍छा उपाय है। मिठास के अलावा इसके कई और फायदे भी हैं। इसमें फ्रुक्टोज, ग्लूकोज तथा ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है। साथ ही इसमें विटामिन्स, मिनरल्स, और एंटी-ऑक्सीडेट्स भी होते हैं।

कोकोनेट शुगर

यह नारियल के पेड़ द्वारा बनाई जाती है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे कोई समस्या नहीं होती। साथ ही इसमें आयरन, जिंक, कैल्शियम और पोटेशियम के साथ ही एंटी-ऑक्‍सीडेंट सहित कुछ पोषक तत्व शामिल हैं।
तो इन संकेतों के दिखते ही चीनी का इस्‍तेमाल करना बंद कर दें और इन विकल्‍पों को चुनें।
Photo: HerZindagi

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