ऐसा कई बार होता है कि दोपहर का भोजन करने के बाद भी शाम की चाय का समय होने से पहले ही भूख लग आती है। ऐसे में अमूमन लोग अनहेल्दी स्‍नैक्‍स या तली-भुनी चीजें खा कर अपनी भूख को शांत कर लेते हैं। मगर इससे भूख तो शांत हो जाती है लेकिन शरीर के लिए यह बेहद नुकसानदायक होता है। 

दोपहर में लंच के बाद वाली मंचिंग को दूर करने के लिए सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने अपने इंस्‍टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्‍ट शेयर किया है, जिसमें उन्‍होंने मिड-डे मील के तौर पर दही और किशमिश खाने की बात कही है। रुजुता ने यह भी बताया है कि दही और किशमिश को कब और कैसे खाना चाहिए और इसे घर पर आप आसानी से कैसे बना सकते हैं। 

तो चलिए जानते हैं कि दही में किशमिश डाल कर खाने से आपको क्‍या लाभ होंगे। 

क्‍या सर्दियों में दही खाना चाहिए 

अमूमन लोगों का मानना है कि सर्दियों के मौसम में दही खाने से सर्दी-खांसी हो सकती है, क्‍योंकि दही ठंडा होता है। मगर रुजुता कहती हैं, 'सर्दियों में दही खाने से सेहत को कोई नुकसान नहीं होता है। हां, दही घर पर बना हुआ और ताजा होना चाहिए।' यदि आप इस तरह से सर्दियों में दही खाते हैं तो यह आपको फायदा ही करेगा। 

इसके साथ ही रुजुता बताती हैं कि बेस्‍ट है कि आप फुल फैट मिल्‍क से ही दही को जमाया जाए और दूध गाय या भैंस का ही हो तो यह और भी फायदेमंद होता है। 

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दही के साथ किशमिश मिला कर खाने के फायदे जानें 

1. यह शरीर में गुड बैक्‍टीरिया की ग्रोथ को प्रमोट करता है। 

2. पेट में यदि किसी भी तरह की सूजन है तो दही और और किशमिश को खाने से फायदा मिलता है। 

3. दही और किशमिश खाने से आपके दांत और मसूड़े भी मजबूत बनते हैं। 

4. अगर आपकी हड्डियां और जोड़ कमजोर हैं तो आपको अपने आहार में नियमित रूप से दही और किशमिश को शामिल करना चाहिए। 

5. वजन कम करने और बढ़े हुए ब्‍लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी दही और किशमिश बहुत फायदेमंद होती है। 

6. आप दही में काली या ग्रीन कैसी भी किशमिश मिला सकते हैं, यह दोनों ही फायदेमंद होती हैं। मगर यदि आप काली किशमिश मिलाते हैं तो यह आपके सेहत को ज्‍यादा फायदा पहुंचाती है। दरअसल, काली किशमिश इम्‍यूनिटी बूस्‍टर होती है। यह त्‍वचा के लिए भी फायदेमंद होती है और कोलेस्‍ट्रॉल को संतुलित बनाए रखती है। 

7. जिन लोगों को पीसीओडी की समस्‍या, थायरॉइड या डायबिटीज की समस्‍या होती है, वह भी दही और किशमिश का सेवन कर सकते हैं। 

curd with raisins benefits

कब खाएं दही-किशमिश 

दही-किशमिश खाने का बेस्‍ट टाइम है कि आप इसे दोपहर के समय 3-4 बजे के करीब मिड-डे मील के रूप में खाएं। इससे आपको जो लंच के बाद वाली मंचिंग है, उससे भी छुटकारा मिल जाएगा। इस बात का भी ध्‍यान रखें कि आप एक कटोरी दही में बहुत अधिक किशमिश न डालें। बेस्‍ट है कि आप एक कटोरी दही में आप 5-6 किशमिश ही डाल कर खाएं। (सर्दियों में दही खाएं या न खाएं)

कैसे तैयार करने दही-किशमिश रेसिपी 

रुजुता ने घर पर दही-किशमिश बनाने का आसान तरीका स्‍टेप्‍स में बताया है- 

  • सबसे पहले एक बाउल में गरम फुल फैट मिल्‍क लें। 
  • इस दूध में 5-6 काली किशमिश डालें। 
  • अब इसमें एक ड्रॉप दही या बटरमिल्‍क की डालें। 
  • इसके बाद आप दूध को अच्‍छी तरह से मिक्‍स करें। 
  • बेस्‍ट होगा कि आप इसे 32 बार मिलाएं। 
  • अब इसे 8-12 घंटे के लिए ढांक कर रख दें।  
  • इसकी टॉप लेयर जब गाढ़ी-गाढ़ी जम जाए तो आप इसका सेवन कर सकते हैं। 

आप भी अपनी मिड-डे मील में दही-किशमिश को शामिल कर सकती हैं। यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे शेयर और लाइक जरूर करें, साथ ही इसी तरह के और भी हेल्‍थ से जुड़े आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।