• ENG
  • Login
  • Search
  • Close
    चाहिए कुछ ख़ास?
    Search

ब्रेस्टफीडिंग मदर के लिए मेडिटेशन किस तरह है लाभदायक, एक्सपर्ट से जानिए

ब्रेस्टफीडिंग महिलाओं के लिए मेडिटेशन बेहद ही जरूरी माना गया है। इससे उन्हें कई तरह के लाभ मिलते हैं। 
author-profile
  • Mitali Jain
  • Editorial
Published -15 Aug 2022, 14:00 ISTUpdated -12 Aug 2022, 19:00 IST
Next
Article
meditation for breastfeeding mother

मां बनना किसी भी स्त्री के लिए जितनी सुखद अनुभूति होती है, यह उतना ही चैलेंजिंग पीरियड भी होता है। इस दौरान एक महिला कई तरह के शारीरिक व मानसिक बदलाव होते हैं, जिसके साथ सामजस्य बिठाना उसके लिए मुश्किल हो सकता है। मसलन, किसी महिला को बेबी ब्लूज या पोस्ट प्रेग्नेंसी डिप्रेशन जैसी समस्याएं होती हैं तो किसी महिला का ब्रेस्टमिल्क सही तरह से नहीं बन पाता और उसके ब्रेस्ट काफी हार्ड हो जाते हैं। तो वहीं, कुछ महिलाएं प्रसव के बाद अपने बढ़े हुए वजन से परेशान रहती हैं।

Expert neha vashist karki qupte on breastfeeding mother

यह ऐसी कुछ समस्याएं हैं, जिससे प्रसव के बाद लगभग हर महिला को दो-चार होना पड़ता है। अमूमन महिलाओं को समझ नहीं आता कि वह इस परेशानी से निजात कैसे पाएं। दवाइयों के सेवन से इस समस्या का हल नहीं किया जा सकता। ऐसे में सबसे अच्छा तरीका है कि आप मेडिटेशन का अभ्यास करें।

दरअसल, स्तनपान के दौरान ध्यान करने के कई फायदे मिलते हैं।  तो चलिए आज इस लेख में योगा विशेषज्ञ और वुमन हेल्थ रिसर्च फाउंडेशन की प्रेसिडेंट डॉ नेहा वशिष्ट कार्की आपको ब्रेस्टफीडिंग पीरियड के दौरान मेडिटेशन करने के कुछ लाभों के बारे में बता रही हैं-

ब्रेस्टमिल्क सर्कुलेशन को बनाए बेहतर

breastfeeding circulation

मेडिटेशन ब्रेस्टफीड करवाने वाली महिलाओं को कई तरह के लाभ पहुंचाता है। दरअसल, महिला के शरीर में प्रोलैक्टिन हार्मोन होता है, जो बेहतर तरीके से मिल्क प्रोडक्शन में मदद करता है। लेकिन जब महिला बहुत अधिक स्ट्रेस या तनाव में होती है तो यह हार्मोन सही तरह से स्रावित नहीं होता है।

इसे जरूर पढ़ें- Expert Tips: प्रेग्‍नेंसी में खुद को कैसे रखें स्‍वस्‍थ और सुरक्षित

जिसके कारण महिला को बेबी को ब्रेस्टफीड करवाने में समस्याहोती है। लेकिन जब महिला नियमित रूप से मेडिटेशन का अभ्यास करती हैं तो इससे शरीर में प्रोलैक्टिव हार्मोन सही तरह से स्रावित होता है और ब्रेस्टमिल्क आने में भी कोई परेशानी नहीं होती है।

Recommended Video

हैप्पी हार्मोन को करे रिलीज

happy hormones

जब महिला नियमित रूप से मेडिटेशन करती है, तो पिट्यूटरी ग्लैंड से रिलीज होने वाले एंडोर्फिन हार्मोन को भी रेग्युलेट होने में मदद मिलती है। एंडोर्फिन हार्मोन को हैप्पी हार्मोन भी कहा जाता है। यह ना केवल शरीर में तनाव को कम करते हैं, बल्कि इससे महिला अधिक खुश रहती है।

इससे महिला और बेबी के बीच एक अच्छी बॉन्डिंग बनती है। जब बॉडी में हैप्पी हार्मोन अच्छी तरह से काम करते हैं तो इससे महिला को प्रसव के बाद होने वाले बेबी ब्लूज व पोस्टपार्टम डिप्रेशन की समस्या(डिप्रेशन में ना करें ये काम) का भी सामना नहीं करना पड़ता है।

वेट लॉस में भी मिलती है मदद

help for weight loss

बहुत कम महिलाओं को इस बात की जानकारी होगी, लेकिन अगर एक ब्रेस्टफीडिंग मदर मेडिटेशन का अभ्यास करती है तो इससे उसे पोस्ट प्रेग्नेंसी वेट लॉस में मदद मिलती है। दरअसल, प्रेग्नेंसी के बाद महिला का वजन काफी बढ़ जाता है, लेकिन अगर वह लंबे समय तक बच्चे को ब्रेस्टफीड करवाती है तो इससे वजन कम करने में अतिरिक्त सहायता मिलती है। दरअसल, मेडिटेशन के कारण महिला का ब्रेस्ट मिल्क अच्छी तरह आता है, जिससे वह लंबे समय तक बच्चे को ब्रेस्टफीड करवा पाती है और इससे उसे वजन कम करने में मदद मिलती है।

इसे जरूर पढ़ें- यह संकेत नजर आएं तो समझ लीजिए आपका ब्रेस्टफीडिंग तरीका है बिल्कुल सही

तो अब आप भी मेडिटेशन के इतने सारे फायदों को जानने के बाद यकीनन ब्रेस्टफीडिंग पीरियड में मेडिटेशन करना चाहेंगी। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।  

Image Credit- freepik

बेहतर अनुभव करने के लिए HerZindagi मोबाइल ऐप डाउनलोड करें

Her Zindagi
Disclaimer

आपकी स्किन और शरीर आपकी ही तरह अलग है। आप तक अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी लाना हमारा प्रयास है, लेकिन फिर भी किसी भी होम रेमेडी, हैक या फिटनेस टिप को ट्राई करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी भी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।