पति-पत्नी के अलग कमरे में सोने के फायदे


Shruti Dixit
2023-01-24,17:45 IST
www.herzindagi.com

    युवा जोड़ा अपनी जिंदगी के नियम अपने हिसाब से बना सकता है, लेकिन कई बार उन्हें सिर्फ इसलिए शेम किया जाता है क्योंकि वो समाज के हिसाब से नियमों का पालन नहीं कर रहा है।

4 में से 1 कपल अलग सोता है

    उदाहरण के तौर पर 2017 का नेशनल स्लीप फाउंडेशन का सर्वे कहता है कि 4 में से 1 जोड़ा अलग-अलग बेड्स पर सोता है। इससे उनके बीच की बॉन्डिंग और ज्यादा बढ़ जाती है।

रिसर्च बताती है अलग सोने के फायदे

    ऐसी ही एक रिसर्च 2012 के बेटर स्लीप काउंसिल के सर्वे ने की थी। इस रिसर्च में ना सिर्फ इस डेटा को बताया गया था कि लगभग कितने जोड़े अलग सोते हैं बल्कि इसके फायदे भी बताए गए थे। क्या आप जानती हैं कि पति-पत्नी के अलग सोने के भी कई फायदे हो सकते हैं?

पति-पत्नी का अलग सोना गलत नहीं है

    सबसे पहले तो ये जान लें कि जितनी भी स्टडी इस बारे में की गई थीं वो बताती हैं कि पति-पत्नी का अलग सोना गलत नहीं है और हर जोड़े को अपने अलग नियम बनाने का हक होता है।

लोगों का रिएक्शन गलत है

    किसी जोड़े के पर्सनल रिलेशन कैसे होते हैं और वो किस तरह से अपने रिलेशन को आगे बढ़ाना चाहता है ये उसके ऊपर निर्भर करता है। इसके बारे में रिएक्शन देना सही नहीं है।

क्या होते हैं अलग बेड्स पर सोने के फायदे?

    अब हम पति-पत्नी के अलग-अलग बेड्स पर सोने के फायदों के बारे में बताते हैं। ये सारे फायदे रिसर्च के हिसाब से बताए गए हैं और इन्हें समझने की जरूरत है।

नींद में डिस्टर्बेंस नहीं होता

    नींद सभी के लिए जरूरी होती है और एक अलग बेड पर सोने से नींद में किसी तरह का खलल नहीं होता है। खर्राटे लेना, लात मारना, बॉडी टेम्परेचर का बदलाव आदि कोई असर नहीं डालता।

रिलेशनशिप को ज्यादा बेहतर बनाया जा सकता है

    हमेशा फिजिकल इंटिमेसी के साथ-साथ इमोशनल इंटिमेसी भी जरूरत होती है और इसलिए ये बेहतर है कि कभी-कभी अलग सोया जाए।

खुद के लिए वक्त मिलता है

    आप सोना चाहती हैं और आपका पार्टनर टीवी देखना चाहता है या फिर ऑफिस का काम करना चाहता है। इन सभी दिक्कतों से राहत मिल सकती है।

सेक्स लाइफ बेहतर होती है

    रिसर्च कहती है कि कई बार कपल्स के लिए एक दूसरे से थोड़ी दूरी बनाए रखना उनकी सेक्स लाइफ के लिए ज्यादा बेहतर साबित हो सकता है। वो चिड़चिड़ाते नहीं हैं और ना ही वो थके हुए होते हैं।

बॉडी पॉजिटिविटी के लिए जरूरी

    ये सिर्फ बेड में ज्यादा स्पेस मिलने से नहीं बल्कि कई तरह के बॉडी इशूज के लिए भी अच्छा है। कई बार महिलाएं अपने ही शरीर को लेकर असहज महसूस करती हैं और ऐसे में रात को कुछ समय एकांत में बिताने से उनका कॉन्फिडेंस बूस्ट हो सकता है।

    अब जब रिसर्च के हिसाब से 40% जोड़े अलग बेड्स में सोते ही हैं तो इसके बारे में आपका क्या ख्याल है? अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है तो इसे शेयर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरीज पढ़ने के लिए जुड़ी रहें herzindagi.com से।