पूजा के बाद आरती करनी क्यों है जरूरी


Samvida Tiwari
2023-01-16,15:01 IST
www.herzindagi.com

    आपने अक्सर देखा होगा कि किसी भी पूजा के बाद आरती की जाती है, लेकिन क्या आप इसके पीछे के ज्योतिष कारणों के बारे में जानते हैं?

पूजा का महत्व

    हिंदू धर्म में पूजा का विशेष महत्व बताया गया है और सभी लोग अपने आराध्य की पूजा विशेष ढंग से करते हैं। आइए नारद संचार के ज्योतिष अनिल जैन जी से जानें कि पूजा के बाद आरती क्यों जरूरी है।

आरती का मतलब

    आरती का मतलब है भगवान को याद करना और उनके प्रति आदर का भाव दिखाना। आरती भक्त को भगवान के प्रति पूरी तरह से समर्पित होने के भाव को दिखाती है।

आरती से मिलता है शुभाशीष

    आरती भगवान का आशीष प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका है और इसे एक तरह से पूजा के समापन का संकेत भी माना जाता है।

पूजा के बाद आरती

    पूजा का समापन हमेशा आरती से करने का मतलब है कि पूजन समाप्त हो गया है और आप भगवान से अपनी और परिवार की कुशलता की कामना कर रहे हैं।

आरती भगवान के प्रति प्रेम

    आरती को एक हिंदू अनुष्ठान माना जाता है जो भगवान के प्रति प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे अच्छा तरीका है। यह शब्द संस्कृत शब्द अरात्रिका से लिया गया है जो उस प्रकाश को दर्शाता है जो अंधेरे को दूर करती है।

आरती कैसे की जाती है

    आरती एक बाती या कपूर से निकलने वाली एक छोटी सी लौ होती है, जिसे एक प्लेट पर दीपक के रूप में रखा जाता है। इसे हम पूजा के बाद किसी भी भगवान के सामने घड़ी की दिशा में घुमाते हैं।

आरती का महत्व

    शास्त्रों की मानें तो पूजा समाप्त करने के बाद आरती करने से पूजा का पूर्ण फल मिल सकता है। आरती आपके आत्म बल को बढ़ाने में मदद करती है। ये परिवार के लोगों के बीच सामंजस्य बढ़ाती है।

आरती से आती है सकारात्मकता

    आरती आपके मानसिक तनाव को दूर करती है और वातावरण की नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करती है। आरती के दौरान जब कपूर और घी जलते हैं तब कीटाणु नष्ट होते हैं और रोगों से मुक्ति मिलती है।

    आरती करने को शास्त्रों में महत्वपूर्ण बताया गया है और इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। स्टोरी अच्छी लगी हो तो शेयर करें और ऐसी अन्य स्टोरी जानने के लिए क्लिक करें herzindahi.com