जानें भारत में पीरियड्स से जुड़े रिवाजों के बारे में


Hema Pant
2023-01-11,08:57 IST
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    पीरियड्स के दौरान कुछ जगहों पर लड़कियों को अछूत माना जाता है, लेकिन ऐसी कई जगहे हैं जहां लड़कियों के पीरियड्स होने पर खुशी मनाई जाती है। आज इस आर्टिकल में हम आपको भारत में पीरियड्स से जुड़े रिवाजों के बारे में बताएंगे।

पीरियड्स क्यों होते हैं

    ओवरी हार्मोन एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन रिलीज करती है। ये हार्मोन यूटर्स में एक लाइन बनाते हैं। यह लाइन एग को फर्टिलाइज्ड करने के लिए तैयार होते हैं। अगर कोई फर्टिलाइज्ड एग नहीं होता है तो यह लाइन टूट जाती है और ब्लड फ्लो होने लगता है। सामान्य भाषा में इसी को पीरियड्स कहते हैं।

पीरियड्स को माना जाता है शुभ

    पुराने जमाने में पीरियड्स को शुभ माना जाता था। ऐतिहासकार नरेंद्र नाथ भट्टाचार्य के अनुसार पहले के समय में पीरियड ब्लड को भगवान को चढ़ाया जाता था। उस समय महिलाओं को देवी के समान माना जाता था।

ओडिशा

    ओडिशा में पीरियड्स होने पर तीन -दिन तक एक समारोह होता है, जिसे राजा प्रभा के नाम से जाना जाता है। राजा शब्द की उत्पत्ति संस्कृत शब्द राज से हुई है, जिसका मतलब मासिक धर्म होता है।

असम

    असम में जब लड़की को पहली बार पीरीयड्स होते हैं तो 'तुलोनिया बिया' नामक त्योहार मनाया जाता है। इस प्रथा में लड़की को कई तरह के काम करने की मनाही होती है

कनार्टक

    कर्नाटक में भी पीरियड्स होने पर खुशी मनाई जाती है। यहां पीरियड्स के त्यौहार को 'ऋतुशुद्धि' या 'ऋतु कला संस्कार' कहा जाता है। यह वह समय होता है जब लड़की पहली बार साड़ी पहनती है।

आंध्र प्रदेश

    भारत के आंध्र प्रदेश राज्य में भी मासिक धर्म को लेकर एक रिवाज निभाया जाता है, जिसे 'पेडमनिषी पंडगा'कहा जाता है। यह समारोह पीरियड्स के पहले,पांचवे और आखिरी दिन मनाया जाता है।

तमिलनाडु

    तमिलनाडु में लड़की के पीरियड पर मंजल निरातु विज़ा त्योहार मनाया जाता है। यह एक भव्य समारोह होता है। इसमें सभी रिश्तेदारों को कार्ड दिए जाते हैं।

    अगर आपको भी पीरियड्स से जुड़े अन्य रिवाज पता हैं तो हमें कमेंट कर जरूर बताएं। ऐसे ही अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें herzindagi.com से।