नवरात्रि पर ऐसे करें मां दुर्गा को प्रसन्न

By Bhagya Shri Singh 20 September 2021 www.herzindagi.com

शारदीय नवरात्रि 7 सितंबर 2021 से शुरू हो रही है। हिंदुओं का प्रमुख पर्व नवरात्रि नौ दिनों तक चलता है। 9 दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाती है।

शारदीय नवरात्रि 2021 मुहूर्त

  • घटस्थापना तिथि: - 7 अक्टूबर 2021, गुरुवार
  • नवरात्रि प्रारंभ- 7 अक्टूबर 2021, गुरुवार
  • नवरात्रि नवमी तिथि-14 अक्टूबर 2021, गुरुवार
  • नवरात्रि दशमी तिथि-15 अक्टूबर 2021, शुक्रवार

घटस्थापना

नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। इसके बाद मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है।

मां शैलपुत्री कौन हैं

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री देवराज हिमालय की पुत्री थीं। उन्हें चंद्रमा का प्रतीक माना गया है। मां की पूजा से जीवन में ठहराव आता है।

पीले वस्त्र पहनें

मां शैलपुत्री की पूजा करते समय पीले वस्त्र धारण करें। मान्यता है कि मां की पूजा से सभी बुरे प्रभाव और अपशगुन दूर होते हैं।

नवरात्रि पूजा सामग्री:

मां दुर्गा का चित्र, सिंदूर, लाल गोटेदार चूनर, केसर, कपूर, धूप,वस्त्र, दर्पण, कंघी, कंगन-चूड़ी, सुगंधित तेल, बंदनवार, फूल, दूर्वा, मेंहदी, बिंदी, सुपारी साबुत, हल्दी की गांठ और पिसी हल्दी, चौकी, आसन, चौकी, रोली, मौली, फूलों की माला, दीपक, दीपबत्ती, नैवेद्य, मधु, पंचमेवा।

घटस्थापना के लिए सामग्री

मिट्टी का कलश, एक मुट्ठी चावल, पानी वाला सूखा जटादार नारियल, मौली, आम के साफ पत्ते, स्वच्छ जल, जौ, साफ मिट्टी और गंगाजल।

घटस्थापना की तैयारी

घटस्थापना के लिए जमीन पर मिट्टी में जौ बोएं। अब कलश में जल भरें। इसमें थोड़े से चावल डालें और ऊपर आम के पत्ते किनारे पर सजाएं। नारियल में कलावा बांधकर कलश पर रखें और देवी का आह्वान करें।

अखंड दीप जलाएं

घटस्थापना के बाद अखंड दीप जलाएं। पीतल या मिट्टी के बड़े दिए में बत्ती डालकर इसमें घी डालें और 9 दिन तक ये दिया जलाएं।

देवी की पूजा

इसके बाद मां नव-दुर्गा और मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना करें। मां को फल, फूल अर्पित करें। माला पहनाएं।

श्रृंगार करें

मां को बिंदी लगाएं, मेहंदी समेत अन्य श्रृंगार का सामान अर्पित करें। इसके बाद मां को लाल गोटेदार चूनर ओढ़ाएं।

सुगंध अर्पित करें

मां को केसर और रोली का तिलक करें। धूप और अगरबत्ती जलाएं और मन ही मन उसकी सुगंध मां दुर्गा को अर्पित करें।

मां शैलपुत्री मंत्र

इसके बाद मां शैलपुत्री के मंत्र का जाप करें। ये मंत्र है-या देवी सर्वभूतेषु शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:। ओम् शं शैलपुत्री देव्यै: नम:।

नवरात्रि से जुड़ी ये बातें जानकार करें मां नव दुर्गा को प्रसन्न लेकिन पहले योग्य पंडित की राय अवश्य लें। अगर स्टोरी अच्छी लगे तो इसे लाइक और शेयर जरूर करे। ऐसी अन्य स्टोरी जानने के लिए जुड़ी रहें herzindagi.com से।