प्यार की 10 परिभाषाएं


Smriti Kiran
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    प्रेम वह शब्द है, जिसकी व्याख्या असंभव है पर इसमें जीवन छुपा है, जीने की चाह छुपी है। इसे समझने में लोग जिंदगी बिता देते हैं।

    प्रेम वह सत्य है, जो सब कुछ असत्य होने का परिचय देता है। इसके बिना जीवन बेकार है। यह प्राकृति से मिला एक अद्भूत तोहफा है।

    यह वैसा बिल्कुल भी नहीं है जैसा अमूमन फिल्मों में दिखाया जाता है और ना ही उस तरह जैसा रोमांटिक नॉवेल्स में। यहां हम प्रेम की कुछ परिभाषाएं बताएंगे, जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए।

प्यार में प्रयास

    प्यार प्रयास मांगता है, लेकिन याद रखें बहुत ज्यादा प्रयास प्यार की मिठास को कम कर सकता है।

प्यार में सच्चाई

    विश्वास, करुणा और क्षमा ये तीन चीजें जब मिलती हैं, तब प्यार को सच्चा और अच्छा बना देती हैं।

साथ देना

    प्यार वह होता है, जब आप एक दूसरे के साथ हर हाल में, हर परिस्थिति में खड़े रहते हैं।

विश्वास

    चाहे कोई भी मुश्किल से मुश्किल घड़ी क्यों न हो, हर हाल में एक- दूसरे पर भरोसा रखते हैं।

सम्मान

    प्यार में आरोप-प्रत्यारोप नहीं होता है। एक-दूसरे के प्रति सम्मान, प्रेम को प्रगाढ़ करता है।

प्रेम में हिंसा की जगह नहीं

    प्यार में किसी भी तरह की हिंसा नहीं हो सकती, चाहे वह मौखिक ही क्यों न हो, के लिए कोई जगह नहीं होती।

बातों को लंबा न खीचें

    लड़ाई को ज्यादा लंबा न खीचें। याद रखें इससे नफरत बढ़ सकती है पर प्यार नहीं।

प्रेम बंधन नहीं

    प्यार बंधन नहीं मांगता है। यह आजादी और सुरक्षा दोनों ही देता है। इससे आपके रिश्ते को मजबूती मिलती है।

सपोर्ट करें

    आप जिनसे प्यार करते हैं, उनकी खुशी में खुश होना और उनके दुख में उनका सहारा बनना प्रेम ही तो है।

प्यार देने का नाम है

    प्यार में आप जितना देते हैं, उससे कहीं ज्यादा आपको वापस मिलता है। इसलिए निस्वार्थ भाव से प्रेम करें।

    आप भी इन तरीकों से अपने प्रेम को मजबूत बनाएं। स्टोरी अच्छी लगी हो तो शेयर करें। साथ ही ऐसी अन्य स्टोरी जानने के लिए क्लिक करें herzindagi.com