By Smriti Kiran
14 September 2021
www.herzindagi.com

जितिया व्रत
से जुड़ी ये बातें जानें

अश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन जीवित्पुत्रिका का व्रत किया जाता है। यह व्रत माएं अपनी संतान को कष्टों से बचाने और लंबी आयु की मनोकामना के लिए करती हैं। इस साल जितिया व्रत 28-30 सितंबर तक मनाया जाएगा।

जितिया व्रत

इस व्रत को निर्जला किया जाता है। कुछ जगहों पर इसे जितिया या जिउतिया व्रत के नाम से भी जाना जाता है। यूपी, बिहार और झारखंड में यह व्रत प्रमुखता से रखा जाता है। आइए जानते हैं जितिया व्रत से जुड़ी बातें।

तीन दिनों तक का है व्रत

जितिया व्रत तीन दिनों तक चलता है। पहला दिन नहाए-खाए, दूसरे दिन जितिया निर्जला व्रत और तीसरे दिन पारण किया जाता है।

व्रत की पूजन विधि

स्नान के बाद माएं सूर्य नारायण की प्रतिमा को जल चढ़ाती हैं। फिर धूप, दीप आदि से आरती करती हैं। इसके बाद भोग का प्रसाद अर्पण करती हैं।

निर्जल व्रत

इस व्रत में माएं सप्तमी को खाना और जल ग्रहण कर व्रत की शुरुआत करती हैं और अष्टमी तिथि को पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। नवमी तिथि को व्रत का समापन किया जाता है।

जितिया व्रत से जुड़ी कथाएं

इस व्रत से कई कथाएं जुड़ी हैं। जिनमें से एक कथा महाभारत से भी जुड़ी है।

अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र का किया था इस्तेमाल

पौराणिक कथाओं के अनुसार, अश्वत्थामा ने अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए उत्तरा की गर्भ में पल रही संतान को मारने के लिए ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल किया था।

श्रीकृष्ण ने दिया जीवन

ब्रह्मास्त्र कृष्ण रोक नहीं सकते थे और उत्तरा के पुत्र का जन्म लेना भी जरूरी था। ऐसे में भगवान श्रीकृष्ण ने उस बच्चे को गर्भ में ही दोबारा जीवन दिया।

जितिया व्रत की कहानी

गर्भ में मृत्यु को प्राप्त कर फिर से जीवन मिलने के कारण उसका नाम जीवित पुत्रिका रखा गया। बाद में यह राजा परीक्षित के नाम से जाना गया।

व्रत में इन बातों का ख्याल रखें

नहाए-खाए के दिन सूर्यास्त के बाद व्रत रखने वाली माओं को कुछ नहीं खाना चाहिए। वरना इसके बुरे प्रभाव भी झेलने पड़ सकते हैं।

लहसुन-प्याज से करें परहेज

व्रती और परिवारजनों को लहसुन -प्याज नहीं खाना चाहिए। इस दिन ऐसा खाना ना तो पकाएं और ना ही खाएं।

बाल ना काटे

इस दिन बाल नहीं काटने चाहिए और ना ही नाखून काटने चाहिए। इस व्रत के दौरान अशुद्ध कार्यों से परहेज करना चाहिए।

मांस और मदिरा न लें

इस दिन घर में मांस और मदिरा का सेवन नहीं किया जाना चाहिए। ऐसा करने से देवी-देवता नाराज होते हैं। इससे संतान को कष्ट झेलना पड़ सकता है।

बुरा व्यवहार करने से बचें

इस दिन झूठ बोलने और किसी व्यक्ति के साथ बुरा व्यवहार करने से बचें। किसी व्यक्ति को अपशब्द बोलने से भी बचना चाहिए।

आर्टिकल अच्छा लगे तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए लिए पढ़ते रहें herzindagi.com