जन्माष्टमी
से जुड़ी काम की बातें

By Bhagya Shri Singh 27 August 2021
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कृष्ण जन्म के अवसर पर जन्माष्टमी मनाई जाती है। जन्माष्टमी पर बाल गोपाल की पूजा अर्चना और ख़ास काम कर आप उनकी कृपा पा सकते हैं। जानें जन्माष्टमी से जुड़ी जरूरी बातें।

# जन्माष्टमी मुहूर्त
  • जन्माष्टमी तिथि- 30 अगस्त 2021
  • पूजा का मुहूर्त- 30 अगस्त 11:59 PM- 12:44 PM तक।
  • मुहूर्त की कुल अवधि - 45 मिनट तक रहेगी।
# दुर्लभ योग
  • जन्माष्टमी पर बेहद शुभ सर्वार्थ सिद्धि योग बना रहा है।
  • यह योग सुबह 06:39 से 31 अगस्त को प्रात: 05:59 मिनट तक रहेगा।
  • मान्यता है कि इस योग में किए जाने वाले सभी काम बनते हैं।
# पूजा की विधि
  • पालने पर बाल गोपाल को नए वस्‍त्र पहनाकर बिठाएं।
  • फिर उनका साजो-श्रृंगार कर, फूल-माला अर्पित करें।
# भोग लगाएं
  • बाल गोपाल को माखन मिश्री और धनिया की पंजीरी का भोग लगाएं।
  • इसके बाद तिलक कर बाल गोपाल को झूला झुलाएं और कीर्तन करें।
# तुलसी के उपाय
  • जन्‍माष्‍टमी पर तुलसी के उपाय कर पाएं श्री कृष्ण का आशीर्वाद।
  • विवाह में बाधाओं को दूर करने के लिए जन्‍माष्‍टमी पर करें ये काम।
# शादी के लिए उपाय
  • जन्‍माष्‍टमी के दिन भी तुलसी को श्रृंगार का सामान अर्पित करें।
  • इससे भी शादी में आ रही अड़चन दूर हो जाएगी।
# तुलसी की परिक्रमा
  • जन्‍माष्‍टमी के दिन आप तुलसी की 108 बार परिक्रमा करें।
  • इस दौरान आप तुलसी चालीसा का पाठ करें।
  • इससे मनचाहा जीवनसाथी मिलता है और शादी में आ रही सभी बाधाएं दूर होती हैं
# जन्‍माष्‍टमी के मंत्र
  • ऊं नमो भगवते श्रीगोविन्दाय ।
  • सुबह स्नान के बाद ध्यानपूर्वक इस मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • इस मंत्र के प्रभाव से प्रेम विवाह में सफलता मिलती है।
  • जन्‍माष्‍टमी के दिन इस मंत्र के जाप से विशेष फायदा होता है।
# धन के लिए
  • कृं कृष्णाय नम: । इस मंत्र के जाप से रुका हुआ धन मिलेगा।
  • साथ ही घर-परिवार में सुख शान्ति का वास होगा।
# अटके कामों के लिए
  • ऊं श्री नम: श्रीकृष्णाय परिपूर्णतमाय स्वाहा।
  • मान्यताओं के अनुसार इस मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • यह श्रीकृष्ण का सप्तदशाक्षर महामंत्र है। इससे अटके काम बनेंगे।
# मनोकामना पूर्ति के लिए
  • गोकुल नाथाय नम: । इस मंत्र के जाप से आर्थिक और भौतिक सुख मिलते हैं।
  • 'हाथी घोड़ा पालकी जय कन्या लाल' आप इस मंत्र का भी जाप कर सकती हैं।
  • इन दोनों मंत्रों से जातक की मनोकामना पूरी होती है।
# दही हांडी आयोजन
  • कृष्ण माखन चुकार खा जाते थे इसलिए मां यशोदा हांडी ने मक्खन रहती थीं।
  • माखन की हांडी को मां ऊंचे स्थान पर बांध देती थी। फिर भी कृष्ण हांडी को गिरा देते थे।
  • इसलिए कृष्ण का नाम माखनचोर पड़ा। तभी से जन्माष्टमी पर दही हांड़ी की परंपरा बन गई।
  • 31 अगस्त , 2021 को दही हांडी मनाया जाएगा। कोरोना के कारण इस बार कई जगह ये बैन है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जन्माष्टमी ऐसे मनाएं और जीवन में खुशहाली लाएं। ऐसी ही अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए लिए पढ़ते रहें herzindagi.com