हरतालिका तीज से जुड़ी काम की बातें


By Bhagya Shri Singh
08 September 2021
www.herzindagi.com

हरतालिका तीज पर निर्जल व्रत जीवनसाथी की लंबी उम्र की कामना के साथ रखा जाता है। इस दिन महिलाएं पूजा-अर्चना के साथ सुहाग का सामान दान में देती हैं। जानें हरतालिका तीज से जुड़ी काम की बातें।

# हरतालिका तीज का मुहूर्त

हरितालिका तीज व्रत बृहस्पतिवार, 9 सितम्बर, 2021 को है। हरितालिका पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06:03 ए एम से 08:33 ए एम तक है। तृतीया तिथि सितम्बर 09, 2021 को 02:33 ए एम बजे तक लग जाएगी। वहींतृतीया तिथि का समापन 10 सितम्बर, 2021 को 12:18 ए एम पर होगा।

# हरतालिका तीज पूजन सामग्री

भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश जी काली मिट्टी की मूर्ति, पीला वस्त्र, केले का पत्ता, बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र, जनेऊ, कच्चा सूत, नए वस्त्र, लाल चूड़ियां, सिन्दूर, आलता, चूनर, कपड़ा, जनेऊ।

# शिव-पार्वती की मूर्ति बनाएं

लोग अक्सर नमक डालकर प्याज भूनते हैं, लेकिन अगर आप इसे भूनते समय नमक और शक्कर दोनों थोड़ा-थोड़ा मिलाया जाए तो परफेक्ट केरेमलाइज्ड टेक्सचर मिलेगा।

# पिडुकिया प्रसाद बनाएं

तीज व्रत में भोल शंकर पर पिडुकिया प्रसाद अर्पित किया जाता है। पिडुकिया मैदा से बनाया जाता है, जिसमें खोया, सूजी, नारियल और बेसन अंदर डाल दिया जाता है। घर की सभी महिलाएं ये प्रसाद बनाती हैं।

# मिलेगा मनचाहा जीवनसाथी

पौराणिक मान्यता है कि पार्वती की तपस्या से खुश होकर भगवान शिव ने तीज पर ही दिन पार्वती को अपनी पत्नी स्वीकार किया था। इस कारण कुंवारी लड़कियां भी इच्छित वर के लिए ये व्रत रखती हैं।

# हरतालिका तीज का अर्थ

हरत और आलिका का अर्थ है 'महिला मित्र का अपहरण'। पौराणिक कथाओं में कहा गया है कि पार्वती के मित्र उन्हें जंगलों में लेकर गए थे ताकि उनके पिता उनकी इच्छा के विरुद्ध उनकी शादी भगवान विष्णु से ना करें।

# भाद्रपद माह में पड़ता है व्रत

हरतालिका तीज भाद्रपद महीने में पड़ती है। इसे बड़ी तीज भी कहते हैं। इस व्रत को एक बार शुरू करने के बाद कभी भी बंद नहीं किया जा सकता है।

# हरतालिका तीज पूजा विधि

हरतालिका तीज के दिन सुबह स्नान के बाद शुभ मुहूर्त पर भगवान शिव- देवी पार्वती की पूजा कर व्रत का संकल्‍प लेना चाहिए।

# कथा सुनें

हरतालिका तीज की पूजा सूर्यास्‍त होने के बाद प्रदोषकाल में करने का विधान है। पूजा के साथ ही तीज की कथा सुनें। पौराणिक कथाओं के अनुसार, हरतालिका तीज व्रत कथा सुनने मात्र से ही कई गुना पुण्य मिलता है।

# पारण करें ऐसे

दूसरे दिन सुबह उठ कर स्‍नान करने के बाद देवी पार्वती की पूजा करें और व्रत खोल लें। ध्‍यान रखें आपको जल पीकर ही व्रत खोलना है।

# सोलह श्रृंगार करें

हरतालिका तीज पर सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व है। इस दिन महिलाएं बालों को फूलों से सजाती हैं, लाल जोड़ा और पूरा श्रृंगार धारण करती हैं। हाथों पर मेहंदी रचाने का भी विशेष महत्व है।

# सुखद वैवाहिक जीवन

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हरतालिका तीज व्रत से योग्य और मनचाहा जीवनसाथी और पति की लंबी आयु की कामना पूर्ण होती है। साथ ही वैवाहिक जीवन भी सुखद होता है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हरतालिका तीज व्रत जीवनसाथी की लंबी आयु के लिए करें । आर्टिकल अच्छा लगे तो लाइक और शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए लिए पढ़ते रहें herzindagi.com से।