By Bhagya Shri Singh

गणेशोत्सव पर गणपति से जुड़ी ख़ास बातें

09 September 2021 www.herzindagi.com

गणेशोत्सव की शुरुआत इस साल 10 सितंबर 2021 से हो रही है। 10 दिन तक चलने वाला यह उत्सव भारत के दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों में पूरे जोश-खरोश के साथ मनाया जाता है। आइए जानते हैं गणेशोत्सव और गणपति बप्पा से जुड़ी कुछ ख़ास।

# गणपति बप्पा का जन्मदिन

गणेशोत्सव का पहला दिन गणपति बप्पा के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन गणेश भगवान पैदा हुए थे।

# 10 दिन चलता है उत्सव

गणेशोत्सव पूरे 10 दिन तक चलता है। जगह-जगह गणेश पूजा के पांडाल स्थापित किए जाते हैं और गणपति बप्पा की सुंदर प्रतिमा भी बैठाई जाती है। 10 दिन तक लगातार पूजा पाठ चलता है।

# अनंत चतुर्दशी

गणेशोत्सव का अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भारत के कई भागों सहित महाराष्ट्र और गुजरात में गणपति बप्पा की मूर्ती को विसर्जित किया जाता है और अगले साल गणपति के आने की कामना की जाती है।

# गणपति मूर्ति स्थापना के नियम

गणेशोत्सव के पहले दिन शुद्ध होकर लोगों के साथ गणपति बप्पा को लेने जाएं। इससे मन में श्रद्धा की भावना पैदा होगी जिससे कि सकारात्मकता बनी रहेगी।

# गणपति की मूर्ति हो ऐसी

गणपति की मूर्ति खरीदते समय ध्यान रखें कि मूर्ति मिट्टी की बनी होनी चाहिए। प्लास्टर ऑफ पेरिस या केमिकल्स की बनी मूर्ति ना लें।

# बैठे हों गणेश जी

गणेशजी की बैठी हुई प्रतिमा लें। सूंड बांई तरफ मुड़ी हो और साथ में मूषक का वाहन जरूर हो। ऐसी मूर्ति शुभ मानी जाती है।

# गणपति का स्वागत

मूर्ति लेने के बाद एक कपड़े से ढककर उन्हें ढोल नगाड़ों के साथ नाचते-गाते और धूम मचाते हुए घर के मुख्य द्वार पर लेकर आएं। घर में मूर्ति के प्रवेश से पहले इस पर चावल जरूर डालें।

# ऐसे करें स्थापना

पूर्व दिशा या उत्तर पूर्व दिशा में चौकी रखें। इसपर लाल या हरा कपड़ा बिछाएं। कपड़े पर थोड़े चावल फैलाएं और इसके ऊपर मूर्ति को स्थापित करें।

# पवित्रीकरण करें

गणपति की मूर्ति का गंगाजल से पवित्रीकरण करें यानी कि गंगाजल छिड़कें। हल्दी लगा हुआ जनेऊ गणपति को पहनाएं। मूर्ति के बाईं तरफ चावल से भरा पीतल का कलश रखें।

# कलश को सजाएं

रोली को गंगाजल से हल्का गीला कर उंगली की मदद से कलश पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। साफ आम के पत्ते कलश के किनारे सजाएं। नारियल पर कलावा बांधकर इसे कलश के ऊपर रखें ।

# भोग लगाएं

साफ आसन में बैठे गणपति को एक बड़ी थाली में रखें। अब पंचामृत से गणपति को स्नान करवाएं। फिर चन्दन, रोली, अक्षत और दूर्वा अर्पित करें। इसके बाद गणपति को मोदक का भोग लगाएं।

# गणपति दूर करेंगे विघ्न

पूरे 10 दिन तक विधि-विधान से गणपति की पूजा-अर्चना करें। सुबह शाम आरती और चालीसा का पाठ करें। संकटनाशन गणेश स्तोत्र और मंत्र पढ़ें। ऐसा करने से गणपति बप्पा सभी विघ्न-बाधाएं दूर करेंगे।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस विधि से गणेशोत्सव पर गणपति की पूजा करने से वो प्रसन्न होंगे। आर्टिकल अच्छा लगे तो लाइक और शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए लिए पढ़ते रहें herzindagi.com के साथ।