By Bhagya Shri Singh

विजयादशमी से जुड़ी रोचक बातें

22 September 2021 www.herzindagi.com

दशहरा का त्योहार हिंदू धर्म के लिए विशेष महत्त्व रखता है। हिन्दू धर्म की मान्यतानुसार दशहरे वाले दिन ही प्रभु श्री राम ने रावण का वध करके बुराई पर अच्छाई की विजय प्राप्त की थी।

बुराई पर अच्छी की जीत का प्रतीक

विजयादशमी का ये ये त्यौहार बुराई पर अच्छी की जीत का प्रतीक है। दशहरा हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। आइए जानें दशहरे से जुड़ी कुछ रोचक बातें।

विजयादशमी के दिन करें पूजा

दशहरा के दिन भगवान श्री राम, देवी भगवती, मां लक्ष्मी, सरस्वती, श्री गणेश और हनुमान जी की पूजा-अर्चना की जाती है।

विदेश में भी मनाते हैं

विजयादशमी भारत के अलावा नेपाल और बांग्लादेश में भी बड़ी धूम-धाम से मनाई जाती है। यहां तक पडोसी देश मलेशिया में तो विजयादशमी के लिए ऑफिशियल छुट्टी भी मिलती है।

दशहरा का अर्थ

दशहरा संस्कृत शब्द दशा और हारा को मिलाकर बना है, जिसका मतलब है 'सूरज उदय नहीं होगा' या 'सूर्य की हार'। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अगर इस दिन प्रभु राम ने रावण को नहीं मारा होता तो सूर्य हमेशा के लिए अस्त हो जाता।

महिषासुर वध

दशहरा को विजयदशमी भी कहा जाता है। इसके अर्थ है दसवें दिन विजय। दशमी दुर्गा पूजा का आखिरी दिन होता है। मान्यता के अनुसार मां दुर्गा ने दसवें दिन ही महिषासुर का वध किया था।

प्रभु राम और मां दुर्गा को समर्पित

दशहरा भगवान राम और मां दुर्गा दोनों को समर्पित है। मान्यता के अनुसार, राम ने रावण को हराने के लिए मां दुर्गा की 9 दिन तक पूजा की थी। तब मां दुर्गा ने उन्हें रावण पर विजय पाने का तरीका बताया था।

दशहरे में पान का महत्त्व

मान्यतानुसार दशहरे वाले दिन लोग पान खाकर असत्य पर हुई सत्य की जीत की खुशी को व्यक्त करते हैं और यह बीड़ा उठाते हैं कि वह हमेशा सत्य के मार्ग पर चलेंगे।

सम्मान का प्रतीक है पान

पान का पत्ता मान और सम्मान का प्रतीक है। यही कारण है कि हर एक शुभ कार्य और पूजा पाठ में इसका इस्तेमाल किया जाता है।

बजरंगबली को चढ़ाएं पान

हनुमान जी को पान खिलाना, स्वयं पान खाना और अर्पित करना विजयदशमी के दिन एक अलग और विशेष महत्व रखता है।

विजय का प्रतीक सुपारी है विजय

सुपारी को सम्मान, प्रेम और विजय का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण विजयदशमी पर रावण दहन के बाद पान खाया जाता है जो सत्य की जीत की खुशी को व्यक्त करता है।

धन की वृद्धि होती है

पौराणिक मान्यता है कि दशहरे के दिन जो लोग पान खाते हैं उनके निकट शोक नहीं आता है और वे पूरे वर्ष सुखी रहते हैं। उनके धन और परिवार की वृद्धि होती है।

कुल्लू का प्रसिद्ध दशहरा

कुल्लू का दशहरा देश भर में सबसे प्रसिद्ध है। यहां कई दिन पहले ही इसकी तैयारियां शुरू हो जाती हैं। भगवान रघुनाथ की रथयात्रा अलग-अलग जगहों से हो गुजरती है। यहां रावण का पुतला जलाया नहीं जाता।

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