By Samvida 12 November 2020 www.herzindagi.com

दिवाली
से जुड़ी कुछ ख़ास बातें

दिवाली का त्यौहार मुख्य रूप से पांच दिनों तक मनाया जाता है। यह त्यौहार धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज के दिन समाप्त होता है। आइए जानें इन पांच दिनों के त्यौहार से जुड़ी कुछ ख़ास बातें

Day 1 - धनतेरस

हिन्दू धर्म की मान्यतानुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को हर साल धनतेरस या धनत्रयोदशी का त्यौहार मनाया जाता है। इसमें मुख्य रूप से सोना, चांदी और बर्तनों की खरीदारी करने की प्रथा है।

Day 2 - नरक चतुर्दशी

इसे नरक चतुर्दशी या रूप चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व दिवाली से ठीक एक दिन पहले होता है इसलिए इसे छोटी दिवाली भी कहा जाता है। इसमें आकाल मृत्‍यु के संकट से बचने और अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए लोग यम देव की पूजा करते हैं।

Day 3 - दिवाली

हर वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को में दीपावली या दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन सुख समृद्धि की प्राप्ति हेतु माता लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा की जाती है।

Day 4 - अन्नकूट या गोवर्धन पूजा

यह त्यौहार हिन्दू धर्म में विशेष तौर पर मनाया जाता है। यह त्यौहार दीवाली के अगले दिन मनाया जाता है। अन्नकूट के त्यौहार में भगवान कृष्ण को 56 भोग का प्रसाद चढ़ाया जाता है। भगवान श्री कृष्ण को खाने में जो सामग्रियां पसंद हैं उन सभी को भोग स्वरुप अर्पित करने से श्री कृष्ण प्रसन्न होते हैं।

Day 5 - भाई दूज

दिवाली के दो दिन बाद कार्तिक मास के शुक्‍ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज का त्‍यौहार पूरे देश में मनाया जाता है। इस त्‍यौहार को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं और भाई से अपनी रक्षा का वचन लेती हैं।

# माता लक्ष्मी को चढ़ता है कमल

दिवाली के पूजन में मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करने का विशेष महत्त्व है। दीपावली की रात, धन की चाहत रखने वाले भक्त कमल के फूलों से देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं।

# धनतेरस में क्या न करें

धनतेरस के दिन लोहे से बने बर्तन न खरीदें। इस पर्व के लिए स्टील के बर्तन खरीदना भी बहुत शुभ नहीं माना जाता है। चूंकि स्टील भी एक प्रकार का लोहा ही होता है। जहां तक हो सके आपको धनतेरस पर खरीदने के लिए तांबे और पीतल के बर्तनों की तलाश करनी चाहिए।

इस तरह दिवाली का त्यौहार पूरे देश में बड़ी ही धूम धाम से मनाया जाता है, दीप प्रज्ज्वलित किये जाते हैं और हर एक कोना रोशनी से सजाया जाता है।

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