फूड प्रिजर्व करने के तरीके


Bhagya Shri Singh
www.herzindagi.com

    खाने को लंबे समय तक स्टोर करने और इसे खराब होने से बचाने के लिए फूड प्रिजर्वेशन करने के तरीके जानें।

कैनिंग

    फूड प्रोडक्ट्स को एक निश्चित तापमान, समय के लिए पैस्चराइज़्ड कर ग्लास जार में वैक्यूम सील कर स्टोर किया जाता है।

इनकी कर सकते हैं कैनिंग

    फल, सब्जियां, मीट, सीफूड और कुछ प्रोसेस्ड फूड को कैनिंग के जरिए स्टोर किया जा सकता है।

फ्रीजिंग

    स्पेशल फ्रीजर में फूड आइटम्स को 0 डिग्री फारेनहाइट तक ठंडा किया जाता है ताकि ये खराब ना हों।

फ्रीजिंग से इन्हें करें स्टोर

    फलों, सब्जियों, मीट, समुद्री भोजन, अनाज, नट्स, डेयरी, अंडे और तैयार खाद्य पदार्थों को फ्रीजिंग के जरिए प्रिसर्व किया जा सकता है।

ड्राइंग

    फूड प्रिजर्व के इस तरीके में खाने को इतना डिहाइड्रेट किया जाता है कि इसमें माइक्रोबायल एक्टिविटी के लिए नमी न बचे।

ड्राइंग से इन्हें करें स्टोर

    खजूर, किशमिश जैसे ड्राई फ्रूट्स के अलावा सीफूड और मीट को इस विधि से प्रिजर्व किया जा सकता है।

फर्मेंटेशन

    इसमें खाने को प्रिजर्व करने के लिए गुड बैक्टीरिया को बैड बैक्टीरिया से ज्यादा बढ़ाया जाता है।

पिकलिंग

    फूड को खराब होने से बचाने के लिए इसे नमक, एसिड या अल्कोहल युक्त घोल में भिगोकर रखा जाता है।

ड्राई सॉल्टिंग

    खाने में हाई सॉल्ट कंसनट्रेशन माइक्रोबियल ग्रोथ रोकता है। इससे खाने में बैक्टीरिया ग्रो नहीं करते हैं।

क्यूरिंग

    मांस या मछली को स्टोर करने के लिए नमक, एसिड और/या नाइट्राइट का यूज करके इसे रेफ्रिजरेट किया जाता है।

स्मोकिंग

    स्मोक यानी कि धुएं के जरिए फूड आइटम्स को सुखाकर उन्हें प्रिजर्व किया जाता है।

सीलिंग

    फूड प्रिजर्व के लिए इसे कवर कर फैट सीलिंग और वैक्यूम सीलिंग की जाती है।

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