By Sahitya Maurya

हैदराबाद की हुसैन सागर झील

26 March 2021 www.herzindagi.com

# सबसे बड़ी अखंडित बुद्धा मूर्ति

हुसैन सागर बुद्ध प्रतिमा दक्षिण भारत के तेलंगाना के हैदराबाद में स्थित गौतम बुद्ध की दुनिया की सबसे ऊंची अखंड पत्थर की मूर्ति है। यह जगह वास्तव में दिखने में खूबसूरत होने के साथ पर्यटकों को भी आश्चर्य से भर देती है।

# स्टैचू ऑफ़ लिबर्टी से मिली प्रेरणा

इस प्रतिमा का निर्माण 1983 और 1989 के बीच श्री स्वर्गीय एन टी रामाराव द्वारा किया गया था, जो उस समय आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे। स्टैचू ऑफ़ लिबर्टी से प्रेरणा लेकर उन्होंने हुसैन सागर झील के बीच में बुद्धा प्रतिमा का निर्माण करवाया।

# श्री एस.एम. गणपति स्थपति थे वास्तुकार

झील के बीचों बीच बुद्धा प्रतिमा का निर्माण वास्तुकार श्री एस.एम. गणपति स्थपति ने सैकड़ों श्रमिकों के साथ मिलकर किया। इसका खर्चा US $ 3 मिलियन था और प्रतिमा 58 फीट की थी और इसका वजन 350 टन था, जिससे यह बुद्ध दुनिया की सबसे ऊंची अखंड मूर्ति बन गई।

# झील में मूर्ति के गिरने से हुआ हादसा

तब एनटी रामाराव के नेतृत्व वाली आंध्र प्रदेश की सरकार को 1989 में निष्कासित कर दिया गया था और अगले वर्ष यानी 1990 तक पत्थर की मूर्ति को ठोस मंच पर खड़ा करने के लिए तैयार किया गया था। इस प्रतिमा को हुसैन सागर के किनारे तक पहुंचाया जाना था। एक ट्रेलर वाहन और यह जिम्मेदारी एबीसी लिमिटेड नामक एक स्थानीय कंपनी द्वारा ली गई थी।

# झील के केंद्र में नहीं है मूर्ति

प्रतिमा को झील के केंद्र में खड़ा करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन इंजीनियरिंग बाधा ने इसे मुश्किल बना दिया और एनटीआर मेमोरियल गार्डन के पास इसे स्थापित किया गया।

# कुछ ऐसे ही रोचक तथ्य

कुछ ऐसे ही रोचक तथ्यों के बारे में जानने और झील के अंदर स्थापित बुद्धा मूर्ति की भव्यता को देखने के लिए आपको भी इस जगह का दौरा जरूर करना चाहिए।

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