By Samvida

सिंघाड़े के आटे के फायदे

09 April 2021 www.herzindagi.com

व्रत में खाया जाने वाला सिंघाड़े का आटा कई गुणों से भरपूर होता है। आइए जानें इसके सेहत से जुड़े कुछ अद्भुत गुणों के बारे में।

# ऊर्जा प्रदान करता है

सिंघाड़े का आटा अनाज नहीं बल्कि फलाहर की श्रेणी में आता है लेकिन यह शरीर को इंस्टेंट एनर्जी प्रदान करता है। यह आयरन, कैल्शियम, जिंक और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्वों को बढ़ाने वाले अच्छे कार्बोहाइड्रेट और ऊर्जा का उत्कृष्ट स्रोत है।

# वजन नियंत्रित करे

सिंघाड़ा फाइबर में उच्च होता है इसी वजह से सिंघाड़े का आटा भी फाइबर से युक्त होता है। फाइबर को पचाने में सबसे लंबा समय लगता है। इसलिए इसके सेवन के काफी देर बाद तक पेट भरा हुआ महसूस होता है और ज्यादा भूख नहीं लगती है।

# एंटीऑक्सिडेंट का पावरहाउस

सिंघाड़े के आटे में कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है और यह आवश्यक पोषक तत्वों और विटामिन से समृद्ध होता है। एक रिसर्च के अनुसार पता चला है, कि यह आटा एंटीऑक्सिडेंट और खनिजों की अपनी गिनती के मामले में भी कम नहीं है। यह आटा विटामिन बी 6, पोटेशियम, तांबा, राइबोफ्लेविन, आयोडीन और मैंगनीज से भरा होता है।

# ब्लड प्रेशर नियंत्रित करे

सिंघाड़े के आटे में पोटेशियम स्ट्रोक और उच्च रक्तचाप के जोखिम को कम कर सकता है, जो दोनों हृदय रोग से जुड़े हैं। अध्ययनों में पाया गया है कि जो लोग पोटेशियम के बड़े हिस्से का उपभोग करते हैं, उनमें स्ट्रोक और उच्च रक्तचाप का खतरा काफी कम हो जाता है।

# पाचन स्वास्थ्य में सुधार करे

सिंघाड़े का आटा अपने उच्च फाइबर गुणों की वजह से भोजन आसानी से पचाने में सहायक होता है। यह बड़ी आंत के माध्यम से भोजन को स्थानांतरित करने में मदद करके पाचन में सहायता करता है। फाइबर भी पानी को अवशोषित करता है, जो मल को नरम करता है। इसी वजह से इस आटे को अपनी डाइट में शामिल करने से कब्ज की समस्या दूर होती है।

# हड्डियों के लिए अच्छा है

इस आटे में मौजूद कैल्शियम तत्व हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में सहायता करते हैं। इसके इस्तेमाल से हड्डियों सम्बन्धी कई समस्याएं जैसे ऑर्थराइटिस का खतरा कम हो जाता है और ये हड्डियों को खोखलेपन से भी बचाता है।

स्वास्थ्य संबंधी कई गुणों से भरपूर होने की वजह से सिंघाड़े के आटे को अपनी डाइट का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए। लेकिन अन्य कोई स्वास्थ्य समस्या होने पर इसे डाइट में शामिल करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट herzindagi.com के साथ।