हैदराबाद के फेमस टूरिज्म प्लेस

By Smriti Kiran
03 September 2021
www.herzindagi.com

पर्यटन की दृष्टि से हैदराबाद दुनिया भर में प्रसिद्ध है। सन 2011 में न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा जहां घूमने जाया जा सकता है, के 41 जगहों की लिस्ट में इसे 19 वें स्थान पर रखा गया था। 2013 में ‘लोनली प्लेनेट’द्वारा इसे तीसरी बेस्ट सिटी फॉर ट्रेवल का ख़िताब मिला था।

# मोतियों का शहर

इसे मोतियों के शहर के नाम से भी जाना जाता है। दुनिया में यह अकेली ऐसी जगह है, जहां बड़ा हीरा, पन्ना एवं असली मोती मिलता है।

# चारमीनार

यह प्रभावशाली प्रवेशद्वार पुराने हैदराबाद के बीचो-बीच स्थित है और अब यह शहर का सबसे प्रचलित प्रतीक बन चुका है। इसका निर्माण सन 1591 में मोहम्मद कुली कुतुब शाह ने शहर में प्लेग खत्म होने की खुशी में करवाया था। इसकी छत की ऊंचाई 20 मीटर है।

# गोलकोंडा किला

शानदार पहाड़ियों पर बना यह किला शहर से 11 किलोमीटर दूर है। मूल रूप से इसका निर्माण काकातियों ने मिट्टी के किले के रुप में किया था। जिसमें आठ द्वार और 87 गढ़ हैं। 17 वीं शताब्दी में मुगलों की सेना और कुतुब शाही के बीच एक लंबी लड़ाई का स्थान था।

# रामोजी फिल्म सिटी

रामोजी फिल्म सिटी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा दुनिया के सबसे बड़े फिल्म स्टूडियो परिसर के रूप में प्रमाणित है। यह 2000 एकड़ में फैला है। लाखों पर्यटक अपने सपनों की छुट्टी जीने के लिए मनोरंजन पार्क में आते हैं। यह 1996 में खुला था।

# सालारजंग म्यूजियम

इस म्यूजियम का निर्माण 1951 में हुआ था। यह भारत के तीन राष्ट्रीय संग्रहालय में से एक है। इसमें प्राचीन पांडुलिपियों, चीनी मिट्टी की चीज़ें, धातु की कलाकृतियां, कालीन, मूर्तियां, वस्त्र, चित्र और घड़ियों का संग्रह है। इस संग्रहालय के अधिकांश लेख विभिन्न सभ्यताओं के हैं।

# बिड़ला मंदिर

बिड़ला मंदिर अपनी प्रभावशाली वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। यह इमारत 2000 टन शुद्ध सफेद संगमरमर से बनी है। बिड़ला इंडस्ट्रियल ग्रुप ने 1976 में इस मंदिर का निर्माण करवाया। इसमें हिंदू और बौद्ध देवताओं को समर्पित कई मंदिर हैं।

# फलकनुमा पैलेस

यह सुंदर पैलेस ऊंचाई पर स्थित है। इसलिए इसे फलकनुमा कहा गया था, जिसका मतलब होता है, आसमान का आइना। महल इटली के एक वास्तुकार द्वारा पांचवें पैगाह अमीर के लिए बनाया गया था। यहां शाम को साउंड और लाइट शो होता है, जो गोलकोंडा किले का इतिहास बताता है।

# नेहरू जूलॉजिकल पार्क

हैदराबाद के बहादुरपुर में 300 एकड़ में फैले इस पार्क में 1500 से भी ज्यादा जानवर हैं। यह वर्ष 1959 में स्थापित किया गया था और 1963 में इसका उद्घाटन हुआ था। यहां आपको शेर, रॉयल बंगाल टाइगर, सफेद बाघ, गैंडा आदि बहुत जानवर देखने को मिल जाएंगे।

# हुसैन सागर झील

हुसैन सागर झील शहरों को जोड़ने वाली एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झील होने का दावा करती है। मूसी नदी की सहायक नदी पर, इब्राहिम कुली कुतुब शाह के शासनकाल के दौरान, 1562 ईस्वी में इसकी खुदाई की गई थी। इसका मुख्य आकर्षण झील के बीच में स्थित 350 टन वजन के साथ भगवान बुद्ध की 16 मीटर ऊंची सफेद ग्रेनाइट की मूर्ति है।

# लुंबनी पार्क

हैदराबाद का लुंबनी पार्क हुसैन सागर झील के ठीक बगल में स्थित है। शहर के बीच में होने और दूसरे पर्यटन स्थलों से नजदीकी के कारण यह हैदराबाद का एक चर्चित आकर्षण है।

# स्नो वर्ल्ड

इसे देश का पहला थीम पार्क माना जाता है। पार्क में बच्चों के मनोरंजन के लिए बहुत सारे विकल्प हैं। यहां बर्फ में खेलने की जगह, मेरी गो राउंड, मूर्तियां और स्नो फॉल सेशन है। रेनफॉरेस्ट, हॉरर-थीम पार्क, परिसर में रेसिंग कोर्स और गेम आर्केड भी हैं।

# चौमहल्ला पैलेस

हैदराबाद का दिल कहा जाने वाला चौमहल्ला पैलेस चारमीनार के पास ही स्थित है। इस महल का निर्माण आज से करीबन 200 वर्ष पहले हुआ था। इस महल की सृजनशील पारसी निर्माण कला को देख आप चकित रह जाएंगे। इस जगह की भव्यता बेहद लुभावनी है।

# मौला अली दरगाह

यह भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है और इसे उन 11 विरासत स्थलों में से एक के रूप में मान्यता दी गई है, जिनकी पहचान हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी द्वारा की गई है। इसे पैगंबर मोहम्मद के दामाद, हजरत अली की याद में बनाया गया था।

# एनटीआर गार्डन

एनटीआर गार्डन हैदराबाद शहर का लोकप्रिय आकर्षण है, जो भारत में सबसे महंगे बगीचों में से एक माना जाता है। यह आंध्र प्रदेश के नेता स्वर्गीय एन टी रामाराव के स्मारक के रूप में बना है जो 55 एकड़ क्षेत्र में फैला है।

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