ओंकारेश्वर में रखें इन 5 बातों का ख्याल


By Shruti Dixit
17 Aug 2021
www.herzindagi.com

भगवान शिव के धाम ओंकारेश्वर में बहुत श्रद्धा भाव से लोग जाते हैं और अपना ध्यान लगाते हैं।

मध्यप्रदेश में सबसे सिद्ध शिव धामों में से एक और देश के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक ओंकारेश्वर सावन के महीने में और भी मान्य हो जाता है।

मैं हाल ही में ओंकारेश्वर के दर्शन करके आई हूं और आपसे अपनी यात्रा के बारे में कुछ डिटेल्स शेयर करने वाली हूं।

दरअसल, इस जगह को लोगों ने टूरिस्ट ट्रैप्स का अड्डा भी बना लिया है जिसके कारण यहां लोगों को परेशानी भी होती है। आपको कुछ सावधानियां जरूर रखनी चाहिए।

# टूरिस्ट ट्रैप्स से सावधान

कई पंडित वहां घूमते रहते हैं जो पैसों के बदले में स्पेशल पूजा और वीआईपी गेट से दर्शन करने को बोलते हैं, लेकिन उन लोगों को भी नॉर्मल गेट से ही एंट्री करवाई जाती है।

# माथे पर टीका लगाने के लिए भी लगेंगे पैसे-

मंदिर में हाथ में पूजा थाल या कटोरी लिए कई बच्चे मिल जाएंगे जो जिद करेंगे कि आप बिना टीका लगवाए नहीं जा सकते। ये फ्री नहीं होगा और 10-200 रुपए तक इसके कारण वसूले जाते हैं।

# परिक्रमा लगाने जाने से पहले रखें इस बात का ध्यान

मंदिर के पास मौजूद परिक्रमा मार्ग पूरे ओमकार पर्वत की परिक्रमा का रास्ता है जो 7 किलोमीटर लंबा है और वापस आने के लिए भी उतना ही चलना होगा। इसलिए इसे छोटा रास्ता समझ न जाएं।

# संगम घाट

कई बार नाव वाले आपको गलत बोलकर संगम घाट तक लाते हैं। वो इसके लिए 500 रुपए तक ले सकते हैं। वहां पैदल चलकर भी आसानी से जा सकते हैं इसलिए नाव में बैठने का मन हो तो ही नाव करें।

# मंदिर बंद होने के समय का ध्यान रखें

सुबह की आरती के समय (सुबह 7.00-8.00 तक), दोपहर में मध्यान भोज के समय (12.20-1.20 तक) और संध्या श्रृंगार (4.00-5.00 तक) के समय। ये तीनों समय 1-1 घंटे के लिए मंदिर के अंदर प्रवेश वर्जित रहता है।

ओंकारेश्वर के आस-पास भी बहुत से मंदिर हैं जहां आप जा सकते हैं। ध्यान रहे कि अपने साथ खाने-पीने का सामान ले जाएं जिससे कमजोरी न हो।

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