अरुणाचल प्रदेश के रंगारंग त्यौहार


Bhagya Shri Singh
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    अरुणाचल प्रदेश की रंगारंग संस्कृति को करीब से देखना चाहते हैं तो इन फेस्टिवल को करें एन्जॉय।

सियांग नदी महोत्सव

    इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सांप्रदायिक सद्भाव का यह उत्सव मनाया जाता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम

    महोत्सव में आप बोट रेस, हाथ की दौड़, रिवर राफ्टिंग, हॉट एयर बैलूनिंग और पैराग्लाइडिंग एन्जॉय कर सकते हैं।

सियांग नदी महोत्सव कहां मनाएं?

    अरुणाचल प्रदेश के तूतिंग, यिंगकिओंग और पासीघाट में आप इस फेस्टिवल को अच्छे से एन्जॉय कर सकते हैं।

पंगसौ दर्रा शीतकालीन महोत्सव

    अरुणाचल प्रदेश का नम्पोंग शहर इस 3 दिवसीय महोत्सव को सर्दियों के मौसम में आयोजित करता है।

शीतकालीन महोत्सव की खासियत

    लोक नृत्य, लोक गीत के अलावा आप यहां हस्तशिल्प भी देख सकते हैं। म्यांमार की संस्कृति भी आप यहां देख सकते हैं।

लोकु

    नोक्टे जनजाति सर्दियों को अलविदा कहने के लिए यह 3 दिवसीय उत्सव धूमधाम से मनाती है।

जीरो संगीत महोत्सव

    अरुणाचल प्रदेश स्थित खूबसूरत जीरो घाटी में नाच-गाने का यह महोत्सव 4 दिन तक चलता है।

जीरो संगीत महोत्सव की खासियत

    यहां कलाकार लोक नृत्य करते हैं। इसके अलाव जैज, इंडी और अन्य डांस फॉर्म भी आप परफॉर्म कर सकते हैं।

लोसर महोत्सव

    लोसर महोत्सव के कारण तवांग फरवरी के महीने में (या कभी-कभी मार्च की शुरुआत में) 8 से 15 दिनों के लिए काफी आकर्षक हो जाता है।

क्यों मनाते हैं लोसर महोत्सव?

    अरुणाचल प्रदेश की मोनपा जनजाति तिब्बती न्यू ईयर के रूप में लोसर महोत्सव मनाती है

संगकेन

    ये त्यौहार 3 दिन तक चलता है। इसमें 'क्योंगफ्रा' नामक एक अस्थायी मंदिर में बुद्ध को स्नान के बाद स्थापित किया जाता है।

संगकेन की खासियत

    त्यौहार में ढोल-नगाड़ों के साथ भगवान बुद्ध की पूजा की जाती है। लोग अपने काम से आराम लेकर इसे एन्जॉय करते हैं।

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