By Reeta Chaudhary 11 August 2020 www.herzindagi.com

विदेश में स्थित
9 प्रसिद्ध मंदिर

धार्मिक मान्यता रखने वाले मंदिर सिर्फ भारत में नहीं हैं बल्कि विदेशों में भी हैं। इनमें से कुछ मंदिर ऐसे कमाल के बन हुए हैं कि लोग सिर्फ इन्‍हें देखने आते हैं। चलिए आस्था के इन केन्‍द्रों के बारे में जानें।

ऑस्ट्रेलिया

मुरुगन टेंपल

यह मंदिर ऑस्ट्रेलिया की राजधानी सिडनी में है। इसे हिल्स पर बनाया गया है क्‍योंकि ऐसा माना जाता है कि भगवान मुरुगन पहाड़ों का देवता है। इस मंदिर को 'सिडनी मुरुगन' नाम से भी जाना जाता है।

कंबोडिया

अंगकोर वाट

भगवान विष्णु का यह मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक स्मारक है। इस मंदिर को बारहवीं शताब्दी में खेमर किंग सूर्यवर्मनम ने बनवाया था। युनेस्को ने इसे वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा दिया है।

श्रीलंका

मुन्नेश्वरम मंदिर

यह मंदिर श्रीलंका के एक गांव मुन्नेश्वर में है। यहां शिव और देवी काली का मंदिर है। मान्यता है कि भगवान राम ने रावण का वध करने के बाद इसी जगह पर भगवान शिव की आराधना की थी।

मॉरिशस

सागर शिव मंदिर

यह मंदिर मॉरिशस में रहने वाले हिन्दुओं का एक पवित्र धार्मिक स्थल है। इसका निर्माण साल 2007 में किया गया था। इस मंदिर प्रागंण में भगवान शिव की 108 फीट ऊंची कांसे की प्रतिमा स्‍थापित है।

नेपाल

पशुपतिनाथ मंदिर

यह मंदिर नेपाल की राजधानी काठमांडू में बागमति नदी के किनारे स्थित है। इस मंदिर में भगवान शिव के एक रूप पशुपति की पूजा की जाती है। युनेस्को ने इसे वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा दिया है।

इंडोनेशिया

प्रम्बानन मंदिर

प्रम्बानन मंदिर को 9वीं शताब्दी में बनाया गया था और यह ना सिर्फ इंडोनेशिया बल्कि साउथ एशिया का भी सबसे बड़ा मंदिर है। इस मंदिर को युनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा दिया है।

यूनाटेड स्टेट्स

बाप्स श्री स्वामीनारायण मंदिर

भगवान स्वामीनारायण का यह मंदिर ब्रिटेन का पहला हिन्दू मंदिर है। बहुत ही पारंपरिक तरीके से बने इस मंदिर का कार्यभार बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण नामक संस्था संभालती है।

मलेशिया

रामलिंगेश्वर मंदिर

यह मंदिर मलेशिया की राजधानी क्वालालमपूर में स्थित है। मलेशिया सरकार ने साल 2012 में मंदिर और आस-पास का क्षेत्र मंदिर का प्रबंधन करने वाली ट्रस्ट के हवाले कर दिया, अब ट्रस्ट इसे देखती है।

पाकिस्तान

कटास राज मंदिर

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के चकवाल जिले से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर कटस में एक पहाड़ी पर स्थित यह एक प्राचीन शिव मंदिर है। माना जाता है कि महाभारत काल में भी यह मंदिर था।


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