मालदा शहर के फेमस प्लेसेस


Smriti Kiran
www.herzindagi.com

    महानदी और कालिंदी नदियों के संगम पर स्थित मालदा एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह शहर न केवल अपने आम के बागों के लिए बल्कि अपने समृद्ध इतिहास और विरासत के लिए भी काफी मशहूर है।

    यहां घूमने के लिए कई ऐसी जगहें हैं, जहां आप अपनी फैमली या फ्रेंड्स के साथ जा सकते है तो आइए जानते हैं यहां के फेमस कुछ प्लेसेस के बारे में-

गौर, मालदा

    अगर आप इतिहास प्रेमी हैं और मालदा के समृद्ध इतिहास के बारे में जानना चाहते हैं तो यहां के गौर प्लेस देखने जरूर जाएं। यहां के शानदार वास्तुकला सैलानियों को आकर्षित करते हैं।

दाखिल दरवाजा, मालदा

    दाखिल दरवाजा 15 वीं शताब्दी में निर्मित एक पुराना महल है, जिसे सलामी दरवाजा के नाम से भी जाना जाता है। यहां खास अवसरों पर तोपों से सलामी दी जाती थी।

फिरोज मीनार, मालदा

    फिरोज मीनार मालदा के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है। इसकी वास्तुकला की तुगलकी शैली की है। इस पांच मंजिला टॉवर को मालदा के कुतुब मीनार के नाम से भी जाना जाता है।

चिका मस्जिद

    चिका मस्जिद या चामकटी मस्जिद के नाम से जाने जानी वाली यह मस्जिद मालदा के पर्यटक आकर्षणों में से एक है। खंडहर में तब्दील होने पर भी इसकी नक्काशी देखने लायक है।

जौहरा काली का मंदिर

    जौहरा काली मंदिर मालदा के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। मंदिर की वास्तुकला भी काफी आकर्षक हैं। यहां आप फैमली या फ्रेंड्स के साथ दर्शन के लिए जा सकते हैं।

अदीना डियर पार्क, मालदा

    आदिना डियर पार्क अपनी फैमली और बच्चों के साथ घूमने की सबसे अच्छी जगहों में से एक है। यहां आप हिरण, चितल, नीलगाय जैसे वन्यजीवों को देख सकते हैं।

अदीना मस्जिद, मालदा

    1369 में निर्मित अदीना मस्जिद भारत की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है। इससे इसकी प्रसिद्धी का अंदाजा लगाया जा सकता है। पर्यटक इसे देखने दूर-दूर से आते हैं।

मालदा संग्रहालय

    मालदा मालदा म्यूजियम पश्चिम बंगाल पुरातत्व निदेशालय के अधीन एक निर्मित पुरातात्विक संग्रहालय है, जिसकी स्थापना 1937 में हुई थी। इसके अंदर 1500 वर्ष पुरानी कलाकृतियों को देख सकते हैं।

लुको चुरी गेट, मालदा

    लखछी दरवाजा या लुको चुरी गेट मालदा का प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारक है। यह महल एक दिलचस्प बात से जुड़ा है कि यहां राजा अपनी बेगमों के साथ लुकाछिपी खेला करते थे।

बड़ोदरी मस्जिद, मालदा

    अरबी शैली पर निर्मित बड़ोदरी मस्जिद की वास्तुकला और सजावटी पत्थर की नक्काशी इसके आकर्षण में चार चांद लगाते हैं, जिन्हें देखने के लिए दूर दूर से पर्यटक यहां आते हैं।

    आप भी मालदा घूमने का प्लान बना सकते हैं। इस जगह की यात्रा अक्टूबर से मार्च महीने के बीच में करें क्योंकि इस समय यहां का मौसम शानदार रहता है।

    अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़े रहें आपकी अपनी वेबसाइट herzindagi.com के साथ।